जयपुर|Mahima Jain:राजस्थान में शीतलहर का दौर शुरू हो गया है कपकपाती ठंड का अहसास लोगो को होने लगा है उत्तर भारत से चली कोल्ड वेव (शीत लहर) ने समूचे मैदानी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है बीती रात से चल रही तेज शीतलहर के कारण तापमान में बड़ी गिरावट हुई। वहीं उत्तरी राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ में सभी जगह, जबकि इनसे सटे बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं जिलों के कुछ ग्रामीण इलाके कोहरे से ढके नजर आए।

मौसम केन्द्र जयपुर से जारी सेटेलाइट इमेज में उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ उत्तर राजस्थान और पाकिस्तान बॉर्डर से लगता जैसलमेर का एरिया घने कोहरे से ढका दिखाई दिया। आज सीकर के फतेहपुर में पारा 6.8 डिग्री सेल्सियस गिरकर माइनस 1.6 पर पहुंच गया, जो सीजन का सबसे कम तापमान रहा। वहीं माउंट आबू और चूरू में भी आज पारा जमाव बिंदु यानी 0 पर दर्ज किया गया।

07 01 2015 kohra u 2

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठिठुरन और कोल्ड वेव की स्थिति बनी है। राज्य में आज तापमान की स्थिति देखे तो शेखावाटी के सीकर, झुंझुनूं में पारा 5 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे रहा। बीकानेर में आज न्यूनतम तापमान 5.6, जबकि हनुमानगढ़ में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

झुंझुनूं के पिलानी में पारा 1.1 रहा, जो इस सीजन में यहां का सबसे कम तापमान है। बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर में भी न्यूनतम तापमान आज 9 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। नागौर में भी आज तापमान 3.3 पर पहुंच गया। फतेहपुर में माइनस में तापमान आने के बाद खेतों और मिट्‌टी में हल्की बर्फ की परत जम गई।

अब आगे क्या?

जयपुर मौसम केन्द्र की माने तो यह स्थिति 20-21 दिसंबर तक यूं ही बनी रहेगी। मौसम विभाग ने हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं समेत कई जगहों के लिए ओरेंज और यल्लाे अलर्ट जारी किया है। यहां 20 दिसंबर तक तेज कोल्ड वेव और कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। इस बीच फसलों में पाला पड़ने की भी आंशका है।

कपकपाती ठंड

राजस्थान में रात के साथ-साथ अब दिन भी ठण्डे होने लग गए। पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखे तो अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 18 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कल सबसे ठण्डा दिन पिलानी का रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। सर्द हवाओं और गलन भरी सर्दी के कारण सूरज की तपन से भी लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली।