कोरोना के बढ़ते कहर को देखकर इस समय पूरे देश में वैक्सीनेशन चल रहा है। टीके की कमी को देखते हुए कई राज्यों ने इनकी खरीद के लिए विदेशी कंपनियों से संपर्क भी किया है।देश में कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच विदेश से इसकी सप्लाई नियमों में फंस गई है। अमेरिकी कंपनी फाइजर का कहना है कि वह सिर्फ केंद्र सरकार को वैक्सीन सप्लाई करेगी। उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि फाइजर के साथ मॉडर्ना भी हमारे संपर्क में है। कई राज्य सरकारों के मुताबिक उन्होंने वैक्सीन लेने के लिए फाइजर और मॉडर्ना से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि वे सिर्फ केंद्र सरकार से ही डील करेंगी।इस पर हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि चाहे फाइजर हो या मॉडर्ना, हम सबके साथ सेंटर लेवल से कोऑर्डिनेट करते हुए दो तरह से फैसिलिटेट कर रहे हैं। एक तो रेगुलेटरी, जो अप्रूवल के संदर्भ में है और दूसरा प्रॉक्यॉरमेंट से संबंधित। उन्होंने कहा कि फाइजर और मॉडर्ना, दोनों के ऑर्डर पहले से फुल होते हैं। ये उनके सरप्लस पर निर्भर है कि वे भारत को कितने डोज दे सकती हैं। वे भारत सरकार को बताएंगे फिर हम सुनिश्चित करेंगे कि उसके आधार पर हम राज्य सरकारों को सप्लाई या कोऑर्डिनेट कर सकें ।