आधा दर्जन चोरी की वारदातें करके भी बदमाश पकड़ से बाहर, पुलिस के हाथ खाली

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। अपराध के लिहाज से आए दिन सुर्खियों में रहने वाले पुलिस चौकी नारौली डांग इलाके में वारदातों के खुलासे में पुलिस का पिछड़ना चौंकाने वाला है। किसी भी वारदात के बाद उसके आरोपियों तक पुलिस के हाथ जल्द से जल्द पहुंचे। यही पीड़ित की पहली मंशा होती है, लेकिन यहां स्थिति उलट है। पुलिस पुराने तो छोड़िए ताजा वारदातों के आरोपियों तक भी नहीं पहुंच पा रही है। जिसका परिणाम यह है कि उसी तर्ज पर बदमाश आए दिन कस्बे में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस बदमाशों की तलाश में लगे होने का रटा-रटाया राग अलाप रही है।

पुलिस अब तक नहीं कर सकी नारौली डांग की इन वारदातों का खुलासा:

  • नारौली डांग में 30 मई 2017 को भैरोजी देवस्थान पर संत खडेश्वरी महाराज के गोपालजी के दान पात्र में रखे 7 हजार रूपए की नगदी सहित दान पात्र को चोरी कर ले गए।
  • 5 जून 2017 को दोपहर 12 बजे नई पुलिस चैकी से महज कुछ दूरी पर चिन्ताहरण हनुमान मंदिर के हनुमानजी का 400 ग्राम चांदी का मुकुट व पैर का 200 ग्राम का कड़ा अज्ञात चोर चुरा ले गए।
  • 20 जुलाई 2017 की रात्री में तीन दुकान लक्ष्मी मोबाईल पोइंट, राजेश टेलीकाॅम की दुकान का ताला तोड दिया व शराब के ठेके की दुकान का ताला व शटर तोडकर 26 हजार दो सौ रूपए नगद व मैजिक मूमेंट शराब के 12 हाफ चोरी कर ले गए।
  • 26 जून 2019 को हंसराज मीना के घर के कमरों का ताला तोड़कर चांदी के आभूषण व 70 हजार रूपए की नगदी चोरी कर ले गए।
    -27 फरवरी 2020 की रात्री को शराब के ठेके की दुकान के रोशनदार को तोड़कर 33 सौ रूपए नगद व 21 बोतल आरएस, 14 बोतल टीबी, 22 हाफ आरएस, 22 हाफ आईबी, 12 पब्बा आरएस, 8 बोतल रम, 13 बोतल एमसीडी शराब की बोतल चुरा ले गए। लेकिन एक भी चोरी का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है।
  • 3 जून 2020 की रात्री को पत्रकार एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी राजस्थान आदिवासी मीणा महासभा राजकुमार मीना के मकान में लगी लोहे की खिड़की को तोड़कर कमरे में रखे लोहे के बक्से में दो सोने की चैन, एक सोने की व एक चांदी की अंगूठी, हाथ की घड़ी, एक नोकिया मोबाईल फोन, 1.20 लाख रूपए की नगदी, दो बैग में रखे 60 हजार रूपए की नगदी सहित कमरे में रखी रोशनी करने की बेट्री, एक पुरानी हाथ घड़ी सहित जरूरी दस्तावेज चोरी कर ले गए।

टीम गठित फिर भी नहीं हो रही कार्रवाई
तात्कालीन पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल ने ग्राम पंचायत नारौली डांग में पत्रकार के घर में हुई चोरी की वारदात का खुलासा करने के लिए वृत्ताधिकारी कैलादेवी के नेतृत्व मे थानाधिकारी सपोटरा, अजीत कुमार उप निरीक्षक, जयसिंह हैडकांस्टेबल, रामदास, लक्ष्मण व अमीर कांस्टेबल को टीम में शामिल कर प्रकरण के मुलजिमान की पतारसी हेतु गम्भीर प्रयास कर प्रकरण के वांछित मुलजिमान को शीघ्र दस्तयाव कर प्रकरण के माल मशरूका को बरामद करने के साथ वृत्ताधिकारी कैलादेवी को टीम द्वारा की गई। प्रत्येक दिन की कार्रवाई की समीक्षा कर अवगत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन टीम द्वारा प्रकरण को गंभीरता से नहीं लेने से वारदात का अभी तक पर्दाफाश नहीं हो पाया है।

सीसी टीवी फुटेज तक सिमटी जांच, वारदातों का नहीं हो रहा खुलासा:

पुलिस द्वारा की गई जांच सीसीटीवी फुटेज देखने तक ही सिमट गई है।इस कारण बरामद करना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा पाई है। नारौली कस्बे में 20 जुलाई 2017 को एक ही रात में तीन चोरी की वारदात हुई, जिनकी प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद राजेश टेलीकाॅम की दुकान पर लगे सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला। जिसमें चोरी की वारदात के दिन तीन जनें दुकान का ताला व प्रिंटर तोड़ने की वारदात करते सीसीटीवी में कैद हुए। पुलिस ने फुटेजों को खंगाला, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच नहीं की। इस कारण सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी जांच आगे नहीं बढ़ी है।

इन मामलों में पुलिस के हाथ न तो अभी तक चोरी का माल हाथ लगा और न ही चोरों के संबंध में कोई सुराग। उधर, आमजन को इन घटनाओं में लाखों रुपए की चपत अब तक लग चुकी है। इस नुकसान की भरपाई होना तो दूर अपराधियों को पुलिस सलाखों के पीछे तक पहुंचाने का कर्तव्य भी पूरा नहीं कर पाई है।

चौकी प्रभारी का पद भी रिक्त:

पुलिस थाना सपोटरा में सबसे अधिक एफआईआर पुलिस चौकी नारौली डांग क्षेत्र के सात ग्राम पंचायतें जाखौदा, नारौली डांग, भरतून, चौड़ागांव, औड़च, खेड़ला, जीरोता के दर्ज किए जाते हैं। लॉ एंड आर्डर और रोज-रोज होने वाले आपसी विवाद से भी पुलिस को दिन भर जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पुलिस चौकी में थानेदार का पद छः माह से खाली चल रहा है। इस पद के खाली होने का असर न सिर्फ आम आदमी पर पड़ रहा है, बल्कि की पुलिस पर भी पड़ रहा है। लंबित मामलों की जांच और कोरोना काल में दर्ज किए गए केसो का निराकरण भी पुलिस के लिए चुनौती बन कर उभर रहा है। अप्रेल माह में बृजेन्द्र सिंह के रिलीव होने के बाद से चौकी का प्रभार हैडकांस्टेबल जयसिंह के पास है। अप्रेल माह में एएसआई बृजेन्द्र सिंह रिलीव हुए थे।तब से चौकी में थानेदार का पद खाली है। प्रभारी अधिकारी के भरोसे काम चल रहा है। सितंबर का महीना गुजर गया, लेकिन चौकी को कोई नया थानेदार नहीं मिला है। चौकी क्षेत्र में चोरी के साथ लूटपाट और लड़ाई झगड़े की घटनाएं होती रहती हैं। वही देश में चल रहा कोरोना वायरस में बैंक या सार्वजनिक स्थानों पर और चौराहों पर हर जगह पुलिस की जरुरत पड़ रही है। ऐसे में यहां पुलिस चौकी प्रभारी लगाया जाना जरुरी हो गया है। बड़ी घटना होने मुश्किल का सामना करना पड़ता है।