Isfurti Singh – साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन टीम इंडिया सिर्फ 202 रनों पर सिमट गई। जवाब में मेजबान टीम ने पहले दिन के स्टंप्स तक एक विकेट खोकर 35 रन बनाए लिए हैं। विराट कोहली चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं खेल पाए। उनके स्थान पर केएल राहुल कप्तानी कर रहे हैं। दिग्गज कमेंटेटर सुशील दोषी ने अपने पॉडकास्ट में कहा कि साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने घरेलू परिस्थितियों का जमकर फायदा उठाया। भारत को इस मैच में वापस लाने की पूरी जिम्मेदारी अब गेंदबाजों के कंधों पर है।

पुजारा और रहाणे में आत्मविश्वास की कमी
विराट कोहली के न खेलने की वजह से उम्मीद थी कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे सीनियर प्लेयर्स का रोल निभाएंगे और अच्छी पारी खेलेंगे। ऐसे हुआ नहीं और दोनों ही सस्ते में आउट हो गए। दोषी ने कहा कि ये दोनों बल्लेबाज आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहे हैं। साथ ही साउथ अफ्रीका कि पिचों की उछाल के आगे भी इन्हें संघर्ष करना पड़ा है।

अगर टीम से बाहर होते हैं तो घरेलू क्रिकेट खेलकर वापसी करें
दोषी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना और इसे बरकरार रख पाना आसान काम नहीं होता है। आपको रेगुलर अच्छा परफॉर्म करना होता है। क्रिकेट में सिर्फ नाम नहीं चलते। ऐसे में अगर पुजारा और रहाणे जल्द फॉर्म में नहीं लौटे तो उन्हें टीम से बाहर भी होना पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो इसमें शर्मिंदगी की कोई बात नहीं है। ये दोनों बल्लेबाज फिर रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट खेलकर मजबूत वापसी कर सकते हैं।

भारतीय गेंदबाजों को स्विंग की जगह उछाल पर ध्यान देने की जरूरत
दिग्गज कमेंटेटर ने कहा कि पहले दिन के आखिरी सेशन में बुमराह को छोड़कर अन्य गेंदबाजों ने स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल करने पर जोर दिया। हालांकि, इस पिच पर लैटरल मूवमेंट कम है। यहां उछाल पर ध्यान देने की जरूरत है। बिल्कुल उसी तरह जिस तरह मार्को जेनसन और डेन ओलिवियर ने किया है।