जयपुर|Deepika jangir: प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बलाई समाज को भी आरक्षित सीटों पर प्रत्यासी बनाने की मांग की हैं जहां समाज का बाहुल्य है। यहां समाज के प्रत्याशी खड़े करने के लिए समाज राजनीतिक दलों से आग्रह करेगा। यदि वहां समाज के प्रत्याशी खड़े नहीं किए जाते हैं तो समाज राजनैतिक पार्टियों का बहिष्कार करेगा। यह बात जयपुर में आयोजित ‘राजनीतिक क्षेत्र में हाशिए बलाई समाज का भविष्य’ सेमिनार में राजस्थान मेघवंश बलाई महासभा के प्रदेशाध्यक्ष मनिष देवंदा सहित अन्य वक्ताओं ने कहीं। उन्होंने बताया प्रदेश में समाज की जनसंख्या एक लाख से अधिक है।

आगामी विधानसभा चुनाव में महासभा सभी राजनैतिक दलों से टिकटों की मांग करेगी। उन्होंने बताया कि सभी सीटों पर जीतने योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची राजनीतिक दलों को देंगे। राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाएगी कि वे समाज के योग्य व्यक्ति को टिकट दें। यदि ऐसा नहीं होता है तो समाज निर्दलीय उम्मीदवार भी खड़ा कर सकता है। साथ ही सेमीनार में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में मेधावी विद्यार्थियों एवं प्रशासनिक पदों पर पदस्थ समाजजनों का सम्मान करने, कुरीतियों, अंधविश्वास खत्म करने, खर्चीले मृत्युभोज बंद करने पर विचार किया गया।

इस दौरान राजस्थान मेघवंश बलाई महासभा उपाध्यक्ष हनुमान भाटिया, बगरू के पूर्व विधायक कैलाश वर्मा, पूर्व विधायक अशोक तंवर, दूदू के पूर्व विधायक बाबूलाल बछेर, सूरज मकरानिया, रिटार्यड RAS कालू बुनकर दूधमल बलाई, शिवराज बुनकर, खेमचंद वर्मा, गोपाल डेनवाल, अशोक सामरिया समेत कई समाज के लोग मौजूद रहे औऱ विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।