Deepika jangir: उपखण्ड क्षेत्र के गढ़ीसवाईराम कस्बे के रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवे दिन कथा आचार्य पं. गजेन्द्र मिश्रा ने कथा मे कहा की संसार मे मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है। जिसे विधाता ने हमेशा मुस्कराने का गुण प्रदान किया है। इस गुण के माध्यम से वह दुनिया मे हर इंसान को अपना बना सकता है। वैसे इंसान तो हर घर मे पैदा होते है। परन्तु इंसानियत कहीं कहीं जन्म लेती है।

इसके साथ ही महारास व गोपी संवाद का वर्णन करते हुए, कहा कि काम देव के मान के मर्दन करने के लिए भगवान कृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात्रि को एक करोड़ गोपियो के साथ रास रचाया। उन्होने कहा कि रास का अभिप्राय रस शब्द से उत्पन्न हुवा है। काम भावना को जीतना ही रास है। इसके उपरान्त कथा वाचक गजेन्द्र मिश्रा ने कृष्ण रासलीला, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा की कथा सहित माँ की ममता का मार्मिक ढंग़ से कहकर सुनाते हुए बताया कि जीवन मे माँ का स्थान भगवान से भी उपर बताया है ।

जो पुत्र अपने जीवन मे माँ-बाप का सम्मान नहीं करते उनका जीवन पशु तुल्य है। उन्हे नर्क मे भी जगह नहीं मिलती। इस अवसर पर पूर्व सरपंच प्रहलाद मीना,अमरनाथ शर्मा, मुरारी जैमन, निर्मल शर्मा,रमेश सोनी,मनोज खंडेलवाल, मुरारी शर्मा,रामोतार शास्त्री,महावीर मिश्रा,बल्लू सैन,महेश लखेरा सहित सैंकड़ो महिला पुरूष मौजूद रहे।