पावटा।Deepika Jangir: निकटवर्ती ग्राम पुरूषोत्तमपुरा में प्राचीन श्री जगन्नाथ धाम पर पौष कृष्णा नवमी के दिन मंगलवार को विशाल मेला व भण्डारा बड़े ही धुमधाम के साथ आयोजित किया गया । भगवान श्री जगन्नाथ के बाजरे का खिचड़ा, कढ़ी, दाल-चूरमा का भोग लगाकर प्रात: 11 बजे से विशाल भण्डारा शुरू किया गया। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

इस मौके पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट भी की गई। मंदिर प्रांगण में रात्रि 8 बजे से विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जायेगा। भक्त केशवदास की रही अटूट आस्था :- भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक कहानी के अनुसार भक्त केशवदास की अटूट आस्था रही है जो प्रतिवर्ष जगन्नाथपुरी जाया करते थे। जिन्हें लगभग 6 महीने लगते थे। एक बार वे थक कर रास्ते में बैठ गये तभी भगवान श्री जगन्नाथ ने उसकी भक्ति से खुश होकर दर्शन दिए और कहा कि मैं प्रतिवर्ष तुम्हारे गांव पुरुषोत्तमपुरा आऊंगा और वहां के अखेबड़ पर्वत से एक शीला टूटकर जमीन पर आयेगी।

जिसे मेरा स्वरूप मानकर पूजा करना तथा इसके थोड़ी दूरी पर खुदाई करने पर एक कुई निकलेगी जिसमें सभी समाजों के लोग पानी भरेगें किसी भी जाति विशेष को पानी भरने से मना करने पर पानी में किड़े पड़ जायेेगें। जिस दिन पुरूषोत्तमपुरा में मेला भरता है उस दिन जगन्नाथपुरी मंदिर (उड़ीसा) में पट बंद रहते हैं। मेले में लाखों की संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते है।