Deepika Jangir: बीदासर निकटवर्ती ग्राम सांडवा के जसवीर मेमोरियल महाविद्यालय के सभागार में सौगात फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के तत्वाधान में सौगात किसान सम्मेलन का आयोजन कंपनी के प्रतिनिधि एन जी विजयवर्गी एवं सहयोगी दिनेश शर्मा व विनोद नुनिया के निर्देशन में किया गया। सम्मेलन में कंपनी के सहयोगी दिनेश शर्मा ने बताया कि नेपियर घास किसानों के लिए चारे का अच्छा विकल्प हो सकता है। एक बार बुआई करके 10 साल तक उत्पादन ले सकते हैं।

सामान्य चारे के मुकाबले आधी लागत आती है और उत्पादन दोगुना मिलता है। यह पशुओं के लिए ज्यादा पौष्टिक होती है। खास बात यह है कि राजस्थान में इस घास के लिए जलवायु पूरी तरह से अनुकूल है। इस घास की खेती शरद, ग्रीष्म वर्षा ऋतु में कभी भी की जा सकती है।नेपीयर घास कम उपजाऊ जमीन में भी हो सकती है। 100 टन नेपियर घास ऐग्रिकल्चर वेस्ट से प्रतिदिन दस टन बायो सीएनजी एंव पन्द्रह टन जैविक खाद का उत्पादन होग़ा जिससे किसानो की आय बढ़ेगी व भारत ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर होगा।नेपियर घास का उपयोग पशु आहार के रूप में भी होता है । इस घास को जमीन से एक फीट की ऊंचाई से काटकर काम में लेते हैं। इस तरह से हर तीस-चालीस दिन के अंतराल में इसे काटा जा सकता है।

नेपियर घास से बायो सीएनजी गैस तैयार होगी। सौगात फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निर्देशक सतवीर धनखड़ ने तहसील के सभी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठकर अग्रिम कार्यवाही व किसानों को इस प्लांट से जोड़ने के बारे में चर्चा की । कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिनिधी सोहन लोहमरोड इंयारा,नारायणराम प्रजापत उड़वाला, श्रवणनाथ सिद्ध पारेवडा, मांगीलाल भामू दूंकर ,सांडवा पूर्व सरपंच महेश पारिक, रघुनाथ पारिक, रतन सिंह राठौड़, जुगलकिशोर प्रजापत, बालूराम दुसाद बेरासर, कालूराम गढ़वाल, युवा नेता मुन्नीराम सारण सहित बीदासर तहसील के प्रत्येक ग्राम के किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह प्रोजेक्ट किसानों की दशा व दिशा बदलने वाला है साथ ही पर्यावरण प्रदूषण में भी इस से निजात मिलेगी | इस प्लांट के लगने से किसानो में ख़ुशी की लहर हैं। कार्यक्रम का संचालन सतवीर धनकड़ ने किया।