जहां जिंदा संक्रमितों के पास नहीं जाते लोग, वहां मृतकों को कंधा देते नजर आए ये सिपाही

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। देश में इन दिनों कोरोना का ग्राफ बड़ी तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। लेकिन अब अधिकत्तर राज्यों में इसकी रिकवरी रेट बढ़ती नजर आ रही है। जो एक सुखद समाचार है। बहरहाल बता दें कि कोरोना का डर लोगों में इस कदर घर कर चुका है कि लोग इसका नाम लेने से भी डरते हुए नजर आ रहे है। लेकिन इसी बीच गुलाबी नगरी के प्रताप नगर थाने में तैनात एसआई सुंदरलाल और हैडकांस्टेबल किशनलाल ने कोरोना काल में इंसानियत का उदाहरण पेश किया।

बता दें कि जहां कोरोना के कारण किसी मरीज की मौत हो जाती है तो वहां लोगों में खौफ पैदा हो जाता साथ ही उसके अंतिम संस्कार करने से डरते नजर आए। लेकिन इस खौफ के बीच जिस मरीज की मौत हुई है और वह कोरोना से पीड़ित है तो जयपुर के प्रताप नगर थाने में तैनात सुंदरलाल ने अभी तक करीब 27 से 28 शवों का दाह संस्कार कर चुके हैं।

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इन वीर सिपाहियों ने गजब की हिम्मत और साहस दिखाया। इतना ही नहीं इन्होंने शवों के अंतिम संस्कार की प्रकिया को पूरी शिद्दत से पूरा किया। ये वाकई में हिम्मत का काम इसलिए है…..क्योंकि जब कोई अपना भी इन शवों के पास नहीं जाना चाहता है। तब ये जान की बाजी लगाकर इन्हीं शवों के पास रहते है…साथ ही उनका कहना है कि जब लोग कोरोना से घबराते हैं तो वे इस काम को पूरी ईमानदारी और मेहनत से करते हैं। साथ ही एसआई ने बताया कि अंतिम संस्कार करते समय वे अपने पूरे शरीर को ढक कर गलव्स और मास्क पहन कर ही कोरोना मरीजों का अंतिम संस्कार करने ले जाते हैं ताकि कोई अन्य व्यक्ति कोरोना संक्रमित न हो सके।