गुलाबी नगरी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का चक्काजाम…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफ़र करने वाले लोग आज थोड़ा सतर्क रहें। अगर कही बाहर जा रहे है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट के भरोसे ना रहे, अपने साधन से ही कहीं जाए-आए। शहर में आज इधर से उधर जाने में अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की सोच रहे है तो आपको भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परिवहन कार्यालयों ने गुरुवार रात 12 बजे से आज रात 12 बजे तक हड़ताल की घोषणा कर दी है। इस हड़ताल के पिछे का कारण परिवहन कार्यालयों में फिटनेस बंद करना बताया जा रहा है, इसके विरोध में कॉमर्सियल महासंघ ने इस 24 घंटे कि हड़ताल की घोषणा की है। राजधानी जयपुर में परिवहन ठप्प करने वाली इस हड़ताल में शहर के 17 यात्री वाहन यूनियनों ने समर्थन किया है, इनमें सिटी बस, ई-रिक्शा, ऑटो, मैजिक टैम्पू, टैक्सी कार के साथ कैब और ट्रक भी शामिल है। महासचिव अनिल आंनद और संरक्षण इंद्र कुमार के बताया कि, वह इसका ज्ञापन क्लक्टर को देकर इसके बारे में अवगत करा चुके है। यात्रियों को आज इस हड़ताल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एयरपोर्ट पर भी हाल बदहाल रहेंगे, एयरपोर्ट की कार एसोसिएशन ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है। इसके साथ ही ऑटो से जुड़ी सभी यूनियन और ई-रिक्शा वेलफेयर सोसायटी, टूरिस्ट बस एसोसिएशन, परचून ट्रांसपोर्ट, जयपुर मिनी बस, निजी बस ऑपरेटर सहित 17 यूनियनों ने शहर में चक्काजाम करने की घोषणा की है। 17 वाहन यूनियन के समर्थन के बाद भी जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर चैंबर अध्यक्ष गोपाल सिंह राठौड़ इस हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहे है। इस हड़ताल के पीछे महासंघ यह तर्क दे रहा है कि, परिवहन विभाग ने फिटनेस सेंटर को आरटीओ कार्यालयों से बंद कर इसका निजीकरण कर दिया। निजी सेंटर ट्रांसपोर्ट नगर से 35 किलोमिटर दूर है, जिस कारण से आने-जाने का सफ़र 70 किमी हो जाता है। साथ ही फिटनेस दूसरे दिन दिये जाने के कारण से इसमें 2 दिन खराब होते है और सेंटर पर पार्किंग की व्यवस्था न होने के साथ ही 5 हजार रुपये अलग से लग रहे है। कार्यालयों में फिटनेस बंद करने से सरकार को रोज एक सेंटर से रोज 1.5 करोड़ का नुकसान हो रहा है।17 यूनियनों की हड़ताल के बाद आज गुलाबी नगरी के लोगों को बस लो-फ्लोर बसों का ही सहारा है। लो-फ्लोर पर भी आप पूरी तरह से आश्रित नहीं रह सकते है क्योकिं, शहर में लो-फ्लोर बसों की स्थिति भी किसी से छुपी नहीं है। शहर में लगभग 250 बसे है, जिनमें 50 के करीब रोज ऑफरुट है। बसों की संख्या कम होने के साथ संचालन का समय भी कम है, यह बसे शाम 7 बजे के बाद से बंद होनी शुरु हो जाती है।