कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते आसाराम व अन्य कैदियों ने की रिहाई की मांग…

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Aasaram with prisoner in jail

महामारी बन चुके कोरोना वायरस और इसके संक्रमण को देखते हुए जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम और राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा सहित अन्य कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू की है। आसाराम व अन्य कैदियों की मांग है कि कोरोना के कहर को देखते हुए उनकी जल्द से जल्द रिहाई हो। कैदियों ने जेल प्रशासन को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री , सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा है। मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता और ट्रायल वाले 1375 कैदी मौजूद है। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए कैदियों ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह जोधपुर सेंट्रल जेल में खाना बनाया गया लेकिन किसी भी कैदी ने खाना नहीं खाया। कैदियों की मांग है कि जल्द से जल्द उनकी रिहाई की जाए। दूसरी ओर जेल प्रशासन ने ऐसे कैदियों की सूची तैयार की है जिन्हें पैरोल पर रिहा किया जा सकता है। यह सूची राज्य सरकार के पास भेजी जाएगी जिसके बाद यह फैसला पूर्णतया राज्य सरकार का होगा कि किस कैदी की पैरोल स्वीकार कर रिहा किया जाएगा व किस कैदी की सजा माफ कर उसे छोड़ा जाएगा। बता दें कि राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित 36 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राजस्थान के भीलवाड़ा और झुंझुनू में सबसे ज्यादा मामले पाए गए है। भीलवाड़ा में अब तक 13 संक्रमितो की पुष्टि हो चुकी है। राजस्थान के दोनों जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ की टीम मंगलवार को लगातार चौथे दिन भी भीलवाड़ा में ही रही।

भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट झुंझुनू जिला कलेक्टर यूपी खाने खान ने स्थिति की समीक्षा कर और सरकार से मिले निर्देशों का पालन करते हुए फिलहाल कर्फ्यू जारी रखने का फैसला किया है।