हाईकोर्ट के फैसले से पहले पायलट ने तोड़ी चुप्पी, बढ़ सकती है सीएम गहलोत की मुश्किलें!

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान हाइकोर्ट ने स्पीकर सीपी जोशी के नोटिस पर स्टे लगाकर सचिन पायलट को बड़ी राहत भी दे दी है। इसी के साथ बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला आने से पूर्व सचिन पायलट ने एक बड़ा बयान दिया। सचिन पायलट ने कहा कि उनकी लड़ाई अशोक गहलोत से है तथा वे कांग्रेस में रहकर ही यह लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।

जैसे ही सचिन पायलट ने ये बयान दिया उसके बाद से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे में हलचल तेज होती नजर आई। लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि कहीं पायलट का यह बयान कहीं किसी बड़े उलटफेर का संकेत तो नहीं। पायलट ने आखिर अब यह बयान क्यों दिया? क्या कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को अभयदान दे दिया है?

अगर ऐसा है तो गहलोत सरकार खतरे में आ सकती है। वहीं दूसरी ओर पायलट के बयान को विधायकों की संख्या से भी जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि पायलट के खेमे में तीस से अधिक विधायक आ चुके हैं, ऐसे में सरकार बचाने के लिए आलाकमान ने पायलट पर वरदहस्त रखना स्वीकार कर लिया है।

ऐसे में अगर ऐसा होता है कि सचिन पायलट भारतीय जनता पार्टी में नहीं जाते हैं और कांग्रेस में रहते हैं, तो ऐसे में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर सचिन विराजमान हो सकते है। वहीं दूसरा पक्ष सचिन की कमजोर स्थिति भी हो सकता है। जिस वजह से वे कांग्रेस में ही रहना चाहते हों। लेकिन ऐसी स्थिति में राजस्थान उन्हें रास आना मुश्किल है। बहरहाल, गहलोत को राजस्थान में सचिन तो रास आने ही नहीं है। ऐसे में जिस प्रकार प्रदेश में बिगड़े हुए राजनीति के हालातों में ये सियासत किस ओर करवट लेगा, यह कहना अभी आसान नहीं होगा।