डेस्क न्यूज़: कांग्रेस पार्टी में चल रहे सियासी उथल पुथल के बीच दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी ने पार्टी के G-23 नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह पार्टी की फुल टाइम अध्यक्ष हैं। आपको बता दें कि G-23 कांग्रेस के उन 23 नेताओं को संदर्भित करता है, जिन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में बड़े बदलाव और पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत बताई थी। सोनिया ने बिना नाम लिए पार्टी नेताओं को सलाह भी दी है कि वे खुलेपन के समर्थक हैं, लेकिन मीडिया के जरिए उनसे बात न करें। उन्होंने कहा- ‘मैं फुलटाइम प्रेसिडेंट हूं और पूरी तरह सक्रिय हूं।’

2022 में होगा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव

साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि संगठन चुनाव का कार्यक्रम तैयार है और वेणुगोपाल जी पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। सोनिया ने कहा है कि पूरा संगठन चाहता है कि कांग्रेस फिर से खड़ी हो, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि एकता और पार्टी के हितों को सबसे ऊपर रखा जाए। इससे भी ज्यादा जरूरत है आत्म नियंत्रण और अनुशासन की। वहीं, सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव सितंबर 2022 में होगा।

इन मुद्दों पर भी बोलीं सोनिया गांधी

सोनिया ने लखीमपुर हिंसा पर कहा कि UP के लखीमपुर खीरी में हुई चौंकाने वाली घटना BJP की मनोदशा दिखाती है कि वे किसान आंदोलन को किस तरह देख रहे हैं।

बॉर्डर पर चले रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि विदेश नीति राजनीतिक ध्रवीकरण का एक जरिया बन गई है। हम बॉर्डर के मसले पर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

आर्थिक सुधार के सवाल का जवाब सरकार देश की संपत्तियां बेचकर देना चाहती है। केंद्र का इस समय एक ही एजेंडा है कि सब कुछ बेच दो।

कांग्रेस

जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर बढ़ते हमले चिंता का विषय हैं। इसकी जितनी हो सके, उतनी निंदा की जानी चाहिए।

कांग्रेस में उठते विरोध के स्वर पर उन्होंने कहा कि हम इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अगर अह एकजुट रहते हैं और पार्टी के हित में सोचते हैं तो मिलकर हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।

स्थायी अध्यक्ष के सवाल पर सोनिया ने कहा कि हमने कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव 30 जून तक निपटाने का रोडमैप पहले ही बना लिया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसे आगे बढ़ाना पड़ा।

गुलाम नबी आजाद ने दी सफाई

कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने के मामले पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सोनिया जी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी के एक सूत्र के मुताबिक CWC की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए। बैठक में मौजूद सभी लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया।

क्या है G-23, कौन से नेता इसमें शामिल

कांग्रेस के G-23 ने पिछले साल सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था, जिसमें पार्टी में बड़े बदलाव और प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता के बारे में बताया गया था। इनमें आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद शामिल थे। G-23 के कई नेताओं ने सोनिया को यह भी याद दिलाया है कि जमीन पर अब तक कोई बदलाव नहीं आया है और कांग्रेस का ग्राफ नीचे की ओर जा रहा है। पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक पार्टी को संकट का सामना करना पड़ा है।

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