Isfurti Singh – बीजेपी नेताओं के बीच जारी खींचतान का असर अब फिर पोस्टर वॉर के रूप में दिखने लगा है। वसुंधरा राजे समर्थक बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ के खिलाफ सेवा सदन के सामने पोस्टर लगा दिया। पोस्टर में कालीचरण सराफ के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। रविवार को यह पोस्टर लगने के बाद जब सियासी हलकों में चर्चा होने लगी तो इसे तुरंत हटा दिया गया।

परिवहन भवन से थोड़ी दूरी पर कठपुतली नगर नाले के पास बने सेवा सदन में आरएसएस से जुड़े कई सहयोगी संगठनों के ऑफिस हैं। सेवा सदन में आरएसएस के दिग्गज भी आते रहते हैं। सेवा सदन के सामने राजले समर्थक कालीचरण सराफ के खिलाफ पोस्टर लगाने के सियासी मायने हैं। पोस्टर लगाने वाले के बारे में पता नहीं लग पाया है। पोस्टर में कालीचरण सराफ की पीएम को लेकर की गई टिप्पणी को मुद्दा बनाया गया है। कालीचरण सराफ फिलहाल कोरोना पॉजिटिव हैं और घर पर आइसोलेट हैं। पोस्टर वॉर पर फिलहाल बीजेपी से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सराफ ने भी इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है।

1 दिसंबर को सराफ ने चुटकुला शेयर किया, अब मुद्दा बनाया
कालीचरण सराफ ने 1 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक चुटकुला वाट्सएप पर शेयर किया था। इस चुटकुले के अनुसार मोदी ने जिसे भी गले लगाया, उसकी सरकार गिर गई। राहुल गांधी गले मिले तो उनका अध्यक्ष पद चला गया। अब मोदीजी को शीजिनपिंग, इमरान खान, केजरीवाल, उद्धव ठाकरे को भी गले लगाना चाहिए। कालीचरण सराफ ने उस वक्त कहा था कि उनकी पोती ने गलती से चुटकुला वाट्सएप पर शेयर कर दिया था।

बीजेपी की गुटबाजी उजागर
कालीचरण सराफ के खिलाफ लगे पोस्टर ने बीजेपी की गुटबाजी को उजागर कर दिया है। आगे चलकर सराफ विरोधी पीएम को लेकर शेयर किए चुटकुले को मुद्दा बनाएंगे। कालीचरण सराफ की गिनती राजधानी जयपुर में बीजेपी के जनाधार वाले नेताओं में होती है। सराफ सातवीं बार के विधायक हैं। मालवीय नगर सीट से लगातार जीत रहे हैं।