Isfurti Singh – आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किश्त 10.09 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में ट्रांसफर की। PM मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में 20,946 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। कार्यक्रम के दौरान PM मोदी ने किसानी उत्पादक संगठन (FPO) से जुड़े लोगों से भी बातचीत की।

किसान सम्मान निधि के तहत सरकार हर साल किसानों के अकाउंट में 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तों में 6000 रुपए ट्रांसफर करती है। स्कीम के तहत पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है।

मोबाइल पर भी चेक कर सकते हैं स्टेटस
किस्त का स्टेटस आप अपने मोबाइल पर भी चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले PM किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के जरिए आप नए किसान के रूप में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। सब्मिट की गई जानकारी में किसी भी तरह का सुधार कर सकते हैं। बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना स्टेटस देख सकते हैं। अपना ट्रांजैक्शन नंबर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा भी और कई सुविधाएं हैं।

अगर किस्त नहीं आई है तो क्या करें?
अगर आपको इस योजना के रजिस्ट्रेशन में कोई परेशानी आ रही है या आपकी किस्त से जुड़ी कोई समस्या है या कोई और अन्य सवाल है तो इसके लिए आपको PM किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर फार्मर कॉर्नर में हेल्प डेस्क पर जाना होगा। हेल्प डेस्क पर क्लिक करने के बाद यहां आप अपना आधार नंबर, अकाउंट नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें। गेट डीटेल्स क्लिक करने पर क्वेरी फॉर्म आ जाएगा। यहां ड्रॉप डाउन में अकाउंट नंबर, पेमेंट, आधार और अन्य समस्याओं से जुड़े ऑप्शन दिए गए हैं। अपनी समस्या के हिसाब से इसे चुनें और नीचे इसका विवरण भी लिखे। अब इसे सब्मिट करें।

e-kyc जरूरी
किसानों को e-kyc की प्रोसेस भी पूरी करनी होगी। इसके लिए PM किसान की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाना होगा और e-kyc का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। अब आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा। OTP दर्ज करने के बाद एक और आधार OTP आएगा। आधार OTP दर्ज करने के बाद ये प्रोसेस पूरी हो जाएगी।

PM-KISAN योजना से किसे बाहर रखा गया है?
PM-KISAN से बाहर किए गए लोगों में संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों पर बैठे किसान परिवार, राज्य या केंद्र सरकार के सेवारत या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और सरकारी स्वायत्त निकाय के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। इनके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे प्रोफेशनल्स के साथ-साथ 10,000 रुपए से ज्यादा की मासिक पेंशन वाले रिटायर्ड पेंशनर्स और पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरने वालों को भी इस स्कीम से बाहर रखा गया है।