पायलट की हो सकती है वापसी, राहुल गाँधी भी चाहते हैं कि फिर से मिले मौका…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क | कांग्रेस से बगावत करने वाले सचिन पायलट के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। वे कह चुके हैं कि भाजपा में नहीं जाएंगे। दूसरी ओर चर्चा है कि पायलट समेत सभी बागी विधायकों के लिए कांग्रेस ने दरवाजे खुले रखे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी चाहते हैं कि पायलट को एक और मौका दिया जाए। इसलिए, सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल सचिन पायलट के संपर्क में हैं।

बताया जा रहा है कि राहुल ने कांग्रेस नेताओं से कहा है कि पायलट ने चाहे जो भी कहा हो, लेकिन उन्हें परिवार में लौटने के लिए एक और मौका दिया जाए। पहले यह माना जा रहा था कि पायलट की बगावत से राहुल नाराज हैं, लेकिन अब कहा जा रहा है कि राहुल कोशिश कर रहे हैं कि पायलट की सम्मानजनक वापसी हो जाए।

अशोक गहलोत के बयान के बाद राहुल का रुख बदला
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बुधवार के बयान के बाद राहुल ने सचिन के लिए सॉफ्ट कॉर्नर दिखाते हुए पार्टी नेताओं को निर्देश दिए। गहलोत ने पहली बार सचिन पायलट को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे सरकार गिराने की साजिश में शामिल थे, हमारे पास इसके सबूत हैं। इसके बाद राहुल ने जयपुर में मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं से कहा कि पायलट को एक और मौका दें। उसके बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया के जरिए मैसेज दिया कि पायलट को सभी विधायकों के साथ जयपुर लौट आना चाहिए।

पायलट माने तो उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है
प्रियंका गांधी भी पायलट के संपर्क में हैं। वे कई बार उनसे बात कर चुकी हैं। पार्टी के कई बड़े नेता जैसे- पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, प्रिया दत्त और शशि थरूर भी कह चुके हैं कि पायलट से बात होनी चाहिए। वरिष्ठ नेता मारग्रेट अल्वा ने भी ट्वीट किया था कि मतभेद होने का मतलब पार्टी विरोधी होना नहीं होता। विवाद सुलझाए जा सकते हैं, पहले ही ऐसा हुआ है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी अल्वा की बात का समर्थन किया था। बताया जा रहा है कि पायलट बिना शर्त वापसी कर गहलोत सरकार को सपोर्ट करेंगे तो कुछ महीने बाद उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

गहलोत के समर्थक भी पायलट की वापसी चाहते हैं
ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट जैसे युवा नेता जो कि टीम राहुल के मेंबर समझे जाते थे, उनके बागी होने से कांग्रेस की टॉप लीडरशिप पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए गहलोत का समर्थन कर रहे नेता भी नहीं चाहते कि पायलट बाहर हो जाएं।