Deepika Jangir: धर्म संसद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी मामले को लेकर नसीरुद्दीन शाह के हरिद्वार धर्म संसद पर दिए बयान ने हंगामा खड़ा कर दिया है। वह कई बार धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय पेश कर चुके हैं और अब उन्होंने मुसलमानों पर एक बयान दिया है, जो चर्चा में आ गया है। नसीरुद्दीन शाह का मानना है कि जो लोग मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं वो देश में गृहयुद्ध का आह्वान कर रहे हैं। ये बात उन्होंने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में कही है। दरअसल, नसीरुद्दीन शाह से लेटेस्ट इंटरव्यू में 17 से 19 दिसंबर तक आयोजित धर्म संसद के बारे में पूछा गया, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के कई वकील ने सीजीआई को चिट्ठी भी लिखी थी। इस चिट्ठी में वकीलों ने नफरत भरे भाषणों पर स्वत: संज्ञान लेने की अपील की थी।

नसीरुद्दीन ने अपने बयान में कहा, ‘अगर भाषण देने वालों को पता है कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं, तो मैं हैरान हूं। इन बयानों से वह सिविल वॉर को न्योता दे रहे हैं। मैं बता दूं हम 20 करोड़ लोग इतनी आसानी से खत्म होने वाले नहीं हैं। हम 20 करोड़ लोग लड़ेंगे। ये लड़ाई मजहब की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार और घरों को बचाने के लिए होगी। उन्होंने आगे कहा, भारत हमारी मातृभूमि है और मैं इस बात को लेकर निश्चिंत हूं कि अगर इस तरह का कोई अभियान शुरू हुआ तो कड़ा विरोध होगा और लोगों का गुस्सा फूटेगा।’

पाकिस्तान के सरकारी मीडिया रेडियो पाकिस्तान ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भारत सरकार को घेरा है। रेडियो पाकिस्तान के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट शेयर किया है। उसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है, ‘फेमस एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने फासीवादी मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से मुसलमानों के नरसंहार को रोकने के लिए कहा है और चेतावनी दी है कि उनके साथ हो रहे शोषण से सिविल वॉर हो सकती है।’