क्या तीन मार्च को मिलेगी निर्भया के दोषियों को फांसी ?

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। निर्भया केस में पटियाला हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को नया डेथ वारेंट जारी किया है। पिछले 41 दिनों में यह तीसरा डेथ वारेंट जारी किया गया है। सबसे पहले दोषियो को 22 जनवरी सुबह 7 बजे फांसी का डेथ वारंट जारी किया गया था लेकिन एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित रहने के कारण फांसी नही दी गई थी। जिसके बाद दोषियों को फांसी की तारीख 1 फरवरी तय की थी लेकिन 31 जनवरी को इसे अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था। जारी किए गए नए डेथ वारेंट में 3 मार्च को सुबह 6 बजे दोषियों को फांसी दी जानी है। हालांकि चारों दोषियों में एक के पास दया याचिका और क्यूरेटिव पिटिशन दोनों ही विकल्प मौजूद है। दोषियों के वकील एपी सिंह का कहना है लिखवा कर रख लो, तीन तारीख को फांसी की सजा नही मिलेगी।

निर्भया के आरोपियों के वकील एपी सिंह का कहना है कि दोषियों के पास अभी कई कानूनी विकल्प मौजूद है और वे उन सभी का इस्तेमाल करेंगे। राष्ट्रपति के पास भी दोबारा दया याचिका भेजी जाएगी और उसके खारिज होने के बाद भी जो विकल्प मौजूद होगें उनका प्रयोग किया जाएगा। दोषियों को फांसी से बचाने के लिए वकील ने नए नए पैंतरे चलने भी शुरु कर दिए है। एपी सिंह ने कोर्ट में दावा किया है कि विनय कुमार पर जेल में हमला हुआ है और उसके सिर पर भी चोट लगी है। उसकी मानसिक स्थिती भी खराब है। ऐसे में नियमानुसार उसे फांसी नही दी जा सकती। वहीं तीसरी डेथ वारेंट जारी करने के बाद जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिना जेल प्रशासन के आदेश के कोई भी बाहरी व्यक्ति जेल के अंदर नही जा सकता है। खासकर जेल संख्या तीन में जाने की बात करने वाले व्यक्ति के बारे में तुंरत जेल मुख्यालय को सूचित किया जाता है। हालांकि तीन मार्च को भी दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने के आसार कम है क्योंकि अभी तक उनके पास कानूनी विकल्प मौजूद है।