राहुल गांधी की प्रवासियों के साथ हुई बातचीत का वीडियो रिलीज, वीडियो में छलक पड़ा मजदूरों का दर्द…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है इस वीडियो में राहुल गांधी ने लॉक डाउन के चलते प्रवासियों को हो रही तकलीफ और परेशानियों को दिखाया है। राहुल गांधी ने इस वीडियो के बारे में ट्वीट के जरिए जानकारी दी। उन्होंने लिखा- कुछ दिन पहले, इन मजदूर भाई-बहनों से भेंट हुई जो हरियाणा से सैकड़ों किमी दूर यूपी के झांसी  में अपने गाँव पैदल ही जा रहे थे। आज सुबह 9 बजे इनके धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मनिर्भरता की अविश्वसनीय कहानी मेरे YouTube चैनल पर देखिए। 

राहुल गांधी ने एक अन्य ट्वीट करते हुए लिखा- मेरे यूट्यूब चैनल पर मेरे YouTube चैनल पर देखिए भारत के इन वीरों, हमारे प्रवासी भाइयों और बहनों के साथ एक वार्तालाप। जिन्होंने इन पिछले हफ्तों में जबरदस्त कष्ट, हिंसा और अन्याय का सामना किया है।

इस वीडियो की शुरुआत में राहुल गांधी कहते हैं कि कोरोना वायरस ने बहुत लोगों को चोट पहुंचाई। बहुत लोगों को दर्द हुआ, दुख हुआ लेकिन सबसे ज्यादा दर्द हमारे मजदूर भाइयों और बहनों को हुआ। सड़कों पर हजारों किलोमीटर भूखे प्यासे चले। इन्हें डराया धमकाया पीटा गया लेकिन यह रुके नहीं घर की ओर चलते रहे। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के नीचे अपने घरों को लौट रहे प्रवासियों से बातचीत की थी। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इन सभी मजदूरों को घर भेजने की व्यवस्था की थी। इस वीडियो में राहुल गांधी ने लोगों से बातचीत करते हुए कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा आप कहां से आ रहे हैं, आपको कहां जाना है, क्या आपके पास पैसे हैं, क्या खाने को कुछ मिला, इस पर प्रवासियों का सिर्फ एक ही जवाब है एकाएक लॉक डाउन का पता चला। लोगों से उधार लेकर और कुछ जमा पैसों के सहारे समय गुजारा लेकिन लॉक डाउन का कुछ पता नहीं यह बढ़ता ही जा रहा है। खाने के लिए मोहताज हो गए हैं। सरकार से ₹1 की भी मदद नहीं मिली। बाहर निकलने पर पुलिस के साथ-साथ आम लोगों ने भी डंडे बरसाए। मजदूरों का कहना है कि अमीरों को किसी भी तरह की कोई परेशानी इस लॉक डाउन में नहीं आई है सिर्फ गरीब और मजदूरों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि देश में 25 मई से लागू हुए लॉक डाउन के बाद सभी सार्वजनिक परिवहन सरकार ने बंद कर दिए। जिसके बाद मजदूरों ने पैदल ही अपने घरों को लौटना शुरू कर दिया था। हालांकि सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाकर लाखों प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाया है। हालांकि लाखों मजदूर ऐसे भी हैं जो पैदल ही घरों के लिए चल पड़े हैं।