सोनभद्र में नही है 3 हजार टन सोना बल्कि….

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिलों में गिना जाने वाला सोनभद्र जिला आजकल काफी चर्चा में है। वजह है , सोनभद्र में मिला विशाल सोने का भंडार। सोनभद्र की पहाड़ियों में 3 हजार टन सोने का भंडार मिलने की पुष्टि की गई थी। सोनभद्र की सोन और हरदी पहाड़ी में 3 हजार टन सोना होने की खबर को जीएसआई यानी भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने खारिज कर दिया है। जीएसआई का कहना है कि हमारी ओर से इस तरह का कोई भी डाटा नही दिया जा रहा है और जीएसआई ने सोन भद्र जिले में इतनी मात्रा में सोना निकलने का कोई अनुमान नही लगाया है।

सोनभद्र जिले की सोन और हरदी पहाड़ी में सोना मिलने की पुष्टी की थी। जिसके बाद से पिछले 15 दिन से हेलीकॉप्टर द्वारा क्षेत्र के आसपास की पहाडियों का सर्वे किया जा रहा था। हवाई सर्वे के माध्यम से यूरेनियम का भी पता लगाया जा रहा था। जीएसआई की रिपोर्ट से पता चलता है कि सोनभद्र में 3 हजार टन सोना नही बल्कि सिर्फ 160 किलो सोना है। जीएसआई के महानिदेशक एम श्रीधर ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘सोने के लिए जीएसआई की खुदाई संतोषजनक नहीं थी और सोनभद्र जिले में सोने का भंडार होने के परिणाम कुछ खास नही है। रिपोर्ट में जीएसआई ने 52,806.25 टन अयस्क के संभावित श्रेणी का अनुमान मिला था। सोन पहाड़ी के सब ब्लॉक-एच में मौजूद प्रति टन अयस्क में 3.03 ग्राम सोना मिलने का ही अनुमान था, वो भी औसत दर्जे का।’ बता दें कि , भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की हुत्ती खदान में निकलता है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश सोने के उत्पादक के रुप में दूसरे नंबर पर आता है। वहीं झारंखड़ , मध्यप्रदेश और केरल में भी सोने की खदाने है।