निर्भया के दोषी विनय ने तिहाड़ जेल की दीवार से पटका सिर…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। निर्भया केस में चारों दोषियों विनय शर्मा , पवन गुप्ता ,मुकेश सिंह और अक्षय ठाकुर को दिल्ली कोर्ट ने तीसरा डेथ वारेंट जारी कर दिया है। जिसके तहत चारों आरोपियों को तीन मार्च को सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जानी है। जेल के सूत्रों का कहना है कि तीसरा डेथ वारेंट जारी होने के बाद दोषियों के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। उनका व्यवहार पहले के मुकाबले काफी आक्रामक हो गया है। इसी का हालिया मामला सोमवार को देखने मिला जब निर्भया के एक दोषी विनय ने अपना सिर सेल की दीवार पर पटक दिया। गनीमत ये रही कि ज्यादा चोटें लगने से पहले ही जेल के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड लिया। इस वाक्या के बाद से ही जेल प्रशासन दोषियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।

निर्भया के दोषियों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है लेकिन इसके बावजूद भी तीसरा डेथ वारेंट जारी होने के बाद उनमें घबराहट बढ गई है। दोषियों को मामूली से बात पर गुस्सा आने लगा है। उनके बोलचाल में भी पहले के मुकाबले काफी बदलाव देखा गया है। वे अब किसी से ज्यादा बातचीत नही करते। हालांकि जेल प्रशासन उनके व्यवहार पर पूरी तरह से नजर रख रहा है। दोषी विनय ने अपनी सेल की दीवार पर सिर पटक दिया, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे पकड़ा। उसके सिर पर चोटें भी आई है हालांकि सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उसके सिर पर ज्यादा चोट नही आई है। बहरहाल , तिहाड़ जेल प्रशासन दोषियों के आस-पास के माहौल को सामान्य बनाकर रखने की कोशिश कर रहा है। दोषियों को समयानुसार काउंसलिग भी दी जा रही है। साथ ही उन्हे समय-समय पर परिजनों से भी मिलने दिया जा रहा है। दोषियों की रोजाना स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। जैल मनुअल के हिसाब से फांसी की सजा से पहले दोषियों का शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। अगर दोषी अस्वस्थ पाया जाता है तो उसे फांसी नही दी जा सकती। विनय के सेल में सिर पटकने की घटना के बाद अन्य दोषी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें इसके लिए जेल प्रशासन उनपर विशेष ध्यान दे रहा है। दोषियों की सेल के ठीक सामने दो पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहते है।