कर्नल जीवन की गणतंत्र दिवस कमेंट्री के मोदी भी है फैन

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मरुधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजपथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में पिछले दस सालों से कमेंट्री करने वाले रिटायर्ड कर्नल जीवन कुमार सिंह की आवाज में कुछ इस तरह का जादू है जिसने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अपना दिवाना बना लिया है। जब कर्नल बोलते है तो उनकी आवाज में भरे जोश से सुनने वालों का ध्यान अपने आप उनकी तरफ जाने लगता है। उनकी बातों से सुनने वालों के मन में उठे देश भक्ति के जोश में बढ़ावा होता है। रुह तक पहुंचने वाली कर्नल की आवाज राष्ट्रप्रेम का जुनून दिलों में भर देती है। बीते दस सालों से गणत्रंत दिवस की कमेंट्री करने के साथ कर्नल जीवन साल 2007 से सेना के विजय दिवस समारोह के भी उद्घोषक रहे है जो कि कोलकाता स्थित पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम में होता है। कर्नल जीवन की वाणी में भरे जोश का ही प्रतिक है कि सेना में सभी राष्ट्रीय स्तर के बड़े कार्यक्रमों में उन्हे कमेंट्री के लिए आमंत्रित किया जाता है। 2005 से 2007 तक कर्नल ने दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में लगे रक्षा मंत्रालय के पवेलियन में बतौर उद्घोषक अपनी सेवाएं दी। 2009 में दिल्ली में पोस्टिंग होने के बाद 15 जनवरी 2010 को कर्नल ने आर्मी डे परेड में बोलने का मौका मिला और उसी साल गणत्रंत दिवस परेड में भी पहली बार बोलने का मौका मिला।

वर्तमान में झारखंड पुलिस एसपी के पद पर कार्यरत कर्नल को उनकी शानदार कमेंट्री के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। कर्नल की आवाज को सुनने वाला कोई भी व्यक्ति उनके चाहने वालों में शामिल हो जाता है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी। कर्नल एक वाक्ये का जिक्र करते हुए बताते है कि, पिछले साल फरवरी में पूर्व सैनिकों के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए पीएम मोदी ने मंच पर जाने से पहले मुझसे हाथ मिलाकर मेरी तारीफ की थी, हौसला बढ़ाया था। पिछले दिनों सेना के एक कार्यक्रम में उन्होनें मुझसे गणत्रंत दिवस परेड की तैयारियों के बारे में भी पूछा था। मैने उन्हें इससे अवगत कराया। इस बार के गणत्रंत दिवस की तैयारियों के बारे में पूछने पर कर्नल जीवन ने बताया कि, हर बार कोशिश यही रहती है कि कुछ नया करुं, पहले से बेहतर और ऐसी प्रस्तुति दे सकूं कि श्रोता गणत्रंत के उत्सव का भरपूर आनंद उठा सकें। इस बार भी आपको नयापन अवश्य मिलेगा। 26 की सुबह की प्रतीक्षा करें।