भारतीय वायुसेना के विमान को चीन की तरफ से नही मिल पाया क्लीयरेंस…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। चीन में कोरोना वायरस का कहर अभी तक कम नही हुआ है। चीन से सात मालदीव के नागरिकों समेत 647 भारतीयों को दिल्ली वापिस लाया गया था। बाकि बचे 80 छात्रों को चीन के वुहान शहर से निकालने के लिए सरकार ने भारतीय वायुसेना के विमान को भेजने का फैसला किया था। भारतीय वायुसेना का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर 20 फरवरी को वुहान के लिए उड़ान भरने वाला था। लेकिन , वायुसेना के इस विमान को चीनी अफसरों की तरफ से क्लीयरेंस नही मिल पाया है। भारतीय अफसरों का कहना है कि चीन की तरफ से भारतीय रिलीफ फ्लाइट्स को परमिशन नही दी जा रही है।

भारतीय अफसरों का कहना है कि दुनिया के कई देश चीन की मदद के लिए और अपने नागरिकों को वापिस लाने के लिए अपनी फ्लाइट्स भेज रहे है। चीन सभी देशों की फ्लाइट्स को अनुमति दे रहा है लेकिन भारतीय रिलीफ फ्लाइट्स को परमिशन नही दी जा रही है। इस पर चीनी दूतावास ने जवाब देते हुए कहा है कि चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की रोक थाम को लेकर युद्ध स्तर की तैयारियां चल रही है। हुबेई में हालात काफी मुश्किल है। इसलिए ऐसी परेशानी हुई है। जान-बूझकर फ्लाइट क्लीयरेंस न देने जैसी कोई भी बात नही है। भारतीय अफसरों का कहना है कि पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर हर संभव मदद करने की बात कही है। लेकिन चीन के रवैये को देखकर लगता है कि वह भारत की मदद लेने में खुश नही है। दूसरी तरफ चीनी अधिकारियों का कहना है कि हमने भारतीयों की वापसी में पूरी सहायता की है और उनकी सेहत और सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता है। बता दें कि चीन में कोविड-19 यानी कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 2345 पर पहुंच गया है। जबकि 76,288 लोगों में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हो चुकी है।