बाजारों और मॉल्स की बढ़ती परेशानी, रियायत देने के बाद भी नहीं लौट रहे ग्राहक…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान में अनलॉक वन में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने कई छूट दी है। जून में सरकार ने शॉपिंग मॉल्स को भी खोलने की इजाजत दे दी है। लेकिन कोविड-19 का भय लोगों में ऐसा बना हुआ है कि ग्राहक शॉपिंग मॉल्स से दूरी बनाते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में शॉपिंग मॉल्स में मौजूद दुकानदारों का कहना है कि उन्हें कोरोना महामारी के चलते 70 से 80 फ़ीसदी तक का नुकसान हुआ है। सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने की इजाजत दे दी है लेकिन फिर भी ग्राहक मॉल्स से दूरी बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में बहुत अधिक परेशानी होगी। दुकानों का किराया देना भी बेहद मुश्किल हो जाएगा जिसका सीधा सीधा परिणाम यह होगा कि दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ जाएंगी। दूसरी तरफ मुख्य बाजारों का कारोबार भी 60 फ़ीसदी तक नीचे गिर गया है। संक्रमण के चलते लोगों ने घरों से बाहर निकलना बिल्कुल बंद कर दिया है। सड़कों पर गिनती मात्र के ही लोग दिखाई पड़ते हैं। पहले जैसी चहल-पहल बाजारों में कब तक लौटेगी यह कहना बेहद मुश्किल है। मॉल्स में स्थित खाने पीने की दुकानें और रेस्टोरेंट के कारोबार में 70 फ़ीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है। जबकि परिधान की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही दिखाई नहीं दे रही है।

हालांकि व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के द्वारा अर्थव्यवस्था को पुनः चालू करने के लिए लॉकडाउन में लागू की गई पाबंदियों को हटाने का निर्णय बिल्कुल सही है। बाजार धीरे-धीरे खुलने जरूर लगे हैं लेकिन राज्य सरकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सके। बता दें कि रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के चलते लागू की गई पाबंदियों में छूट देने के बाद भी छोटी बड़ी दुकानों और मॉल्स के कारोबार में अभी सुधार नहीं हो पाया है। कोरोना संक्रमण के डर के चलते उपभोक्ताओं का उत्साह अभी गिरा हुआ है। लोग बाजारों की तरफ रुख करने से अभी डर रहे हैं।