कोरोना से मौत का आंकडा पहुंचा 24 हजार के पार…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। कोरोना वायरस का कहर दिन प्रतिदिन बढता ही जा रहा है। जो अब एक महामारी का रुप ले चुका है। इस वायरस से मौत का आंकडा लगातार बढ रहा है। एएनआई ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकडा 630 के पार पहुंच गया है। लेकिन आज जो खुलासा हम करने जा रहें है वह वाकई में आपके रोंगटे खडे कर देगा। यह खुलासा कोरोना वायरस की दहशत को लेकर है, जो चीन की एक नामी कंपनी टेनसेंट का डाटा सोशल मीडिया पर लीक होने की वजह से कोरोना वायरस का असली सच दुनिया के सामने आया है। इस डाटा में कोरोना वायरस से हुई मौतों के जो आंकडे सामने आए है वो आपके होश उडा देंगे।

चीन की बडी कंपनी टेनसेंट का एक डाटा सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें दावा किया गया है कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 630 नही बल्कि उससे कई गुना ज्यादा है। चीनी कंपनी टेनसेंट का एक डाटा सोशल मीडिया पर लीक हो गया जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 24000 के पार पहुंच गई है। वहीं डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ चीनी सरकार का कहना है कि इस वायरस से अब तक 630 लोगों की मौत हुई है। टेनसेंट कंपनी का जो डाटा ऑनलाइन लीक हुआ है उसके मुताबिक चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 24,589 है जबकि 154023 लोग इससे प्रभावित हुए है। लीक हुए इन आकंडो को देखकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया जिसके तुरंत बाद टेनसेंट कंपनी ने डाटा को हटाकर नए आकंडे जारी कर दिए।

सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस का असली सच सामने आ जाने पर चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है की चीनी सरकार इस जानलेवा वायरस की गंभीरता को छिपाने का प्रयास कर रही है। ताईवान न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई देशों में फैली चीनी कंपनी टेनसेंट का डाटा लीक होने की वजह से कोरोना वायरस की भयावह तस्वीर सबके सामने आई है। लीक हुए डाटा को लेकर लोगों का मानना है कि कोडिंग में गड़बड़ी की वजह से असली डाटा ऑनलाइन लीक हो गया है जबकि कुछ लोगों का मानना है कि टेनसेंट के ही किसी कर्मचारी ने जान बूझकर यह डाटा लीक किया है ताकि कोरोना वायरस का असली सच सबके सामने आ सके और लोग इसकी गंभीरता को समझ सकें। इसी बीच चीन ने बुधवार को दावा किया था कि कोरोना वायरस के संदिग्ध मामलों में पिछले दो दिनों में कमी आई है। पीपुल्स डेली की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या 636 हो गई है। जबकि 31,161 मामले सामने आ चुके है।

इस वायरस की भयावहता का पता इस बात से चलता है कि जिस डॉक्टर ने सबसे पहले कोरोना वायरस का पता लगाया था उसकी जान भी इस वायरस से जा चुकी है। चीन के डॉक्टर ली वेनलियांग 30 दिसंबर को मेडिकल स्कूल में अपने दोस्तों को कोरोना वायरस के बडे स्तर पर फैलने के बारे में सूचित किया था, हालांकि पुलिस ने उन पर अपने किए दावे को झूठा बताने के लिए मजबूर किया था। इन दावों को अवैध अफवाह मानने के लिए स्टेटमेंट पर साइन भी करवाया था। शुक्रवार को ली वेनलियांग की कोरोना वायरस से मौत हो गई है। वे भी इस वायरस से पीडित थे। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भारी आक्रोश जताया है और अस्पताल के अफसरों को ली को न बचा पाने के लिए उनके परिवार से माफी मांगने को कहा है।