4 फरवरी को मनाया जाएगा विश्व कैंसर दिवस, जागरुकता से बचाया जा सकती है कई जिंदगियों को…ये है लक्षण

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कैंसर वर्तमान में तेजी से पैर पसारने वाली बीमारी है, जो शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण पूरे विश्व में मौत का ग्राफ बढ़ने लगा है। कैंसर से बचाव और उसके प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से पूरे विश्व में प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। कैंसर सर्जन डॉ. कौशल गौतम ने बताया कि हाड़ौती में कैंसर के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। यहां सर्वाधिक मूंह के कैंसर के रोगी सामने आ रहे हैं। इन सभी रोगियों में तम्बाकू का सेवन करने वाले सर्वाधिक हैं। तम्बाकू युक्त लाल दंत मंजन करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है। जिस कारण मूंह का कैंसर देखने में आ रहा है। लोगों को चाहिए की वह तम्बाकू युक्त मंजन व तम्बाकू युक्त पान मसाले से दूर रहे। महिलाओं में मुख्यतया: पाया जाने वाले कैंसर में स्तन एवम बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है। डॉ. कौशल गौतम ने बताया कि जागरूकता से ही मरीजों में होने वाले कैंसर रोग को रोका जा सकता है। कैंसर के उपचार के लिए कोटा में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध है। कैंसर रोगी जहां पहले मुम्बई, दिल्ली, गुजरात व अन्य बडे शहरों में जाते थे। लेकिन अब कोटा में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं, उपकरण, जांच व अन्य संसाधन उपलब्ध है। बडे शहरों की सुविधाएं अब कोटा में आसानी से उपलब्ध है। विगत 4 वर्षों में डॉ. कौशल गौतम ने कई जटिल से जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए है। कैंसर का इलाज मुख्यतया: सर्जरी, कीमोथेरेपी एवम रेडियोथेरपी से होता है।

विभिन्न कारणों और लक्षणों के बारें में जानकारी रखना बेहद आवश्यक
मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत दाधीच ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस मनाने की शुरूआत सन 1933 में हुई। जब अंतर्राष्ट्रीय कैंसर संघ द्वारा पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया गया। इसके अलावा कैंसर के बढ़ते प्रकोप और इसके भयावह परिणामों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रत्येक वर्ष विश्व कैंसर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। ताकि आने वाले समय में इसके प्रति जागरूकता का आंकड़ा बढ़े और कई जिंदगियों को इससे बचाया जा सके। विश्व कैंसर दिवस को भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाता है और कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ताकी आमजन तक कैंसर से जुड़ी जानकारी पहुंचाकर उन्हें इस बीमारी से बचाया जा सके। इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य एवं जागरूकता कैंप लगाना, रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार आदि का आयोजन शामिल है। कैंसर जैसी बीमारी से बचने का सबसे सही उपाय है, सावधानी और सतर्कता है। कैंसर से बचने के लिए इसके विभिन्न कारणों और लक्षणों के बारे में जनकारी रखना बेहद आवश्यक है। इतना ही नहीं इस दिवस को मनाने का लक्ष्य यह हैं कि हम कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को कम कर सकें और इससे संबंधित सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकें। वर्तमान समय में कैंसर कई रूपों में पैर पसार चुका है। जिनमें स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, ब्लड कैंसर, पेट का कैंसर शामिल है।

विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उपेन्द्र नंदवाना ने बताया कि हर साल विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी को मनाया जाता है। प्राथमिक उद्देश्य कैंसर पीड़ित व्यक्तियों की संख्या में कमी करना और इसके कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना है, साथ ही लोगों में कैंसर के लक्षणों को पहचान पाने के लिए प्रयास करना, उनमें जागरुकता बढ़ाना, लोगों को शिक्षित करना, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को दुनिया भर में इस बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करना है। डॉ. नंदवाना ने बताया कि रेडिएशन थेरेपी से भी कैंसर का इलाज किया जाता है। इस प्रकार, रेडिएशन थेरेपी कुछ कैंसर मैं ऑपरेशन के बाद एवम् कुछ कैंसर मैं ऑपरेशन के पहले दी जाती है। कई बार रेडिएशन थेरेपी कैंसर के इलाज के अन्य तरीकों जैसे कीमोथेरेपी को कारगर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रेडिएशन थेरेपी कैंसर का इलाज करने के साथ-साथ भविष्य में कैंसर के होने की संभावना को भी कम करती है।

युवाओं में धूम्रपान से भी बढ रहा कैंसर का खतरा

सुधा अस्पताल के निदेशक डॉ. आरके अग्रवाल ने बताया कि कैंसर से बचने के लिए तंबाकू उत्पादों का सेवन बिलकुल न करें, कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले संक्रमणों से बचकर रहें, चोट आदि होने पर उसका सही उपचार करें और अपनी दिनचर्या को स्वस्थ बनाए, कैंसर के ज्यादातर मामलों में फेफड़े और गालों के कैंसर देखने में आते हैं, जो तंबाकू उत्पादों का अधिक सेवन करने का नतीजा होता है। ऐसे मामलों में उपचार बेहद जटिल हो जाता है और मरीज के बचने की संभावना भी कम हो जाती हैं।

कैंसर क्या होता है
शरीर कई प्रकार कि कोशिकाओं से बना होता है, यह कोशिकाएं शरीर में बदलावों के कारण बढ़ती रहती हैं, जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं, तब यह शरीर के बाकि हिस्सों को उनका काम करने में कठिनाइयां उत्पन्न करने लगती हैं। इससे उन हिस्सों पर कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गांठ या ट्यूमर बन जाता है, इस अवस्था को कैंसर कहते हैं। यही ट्यूमर घातक होता है और बढ़ता रहता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीष गौतम ने बताया कि वर्तमान समय में कैंसर तेजी से पैर पसारने वाली बीमारी है, जो शरीर के किसी भी अंग में अलग-अलग रूपों में फैल सकती है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, यदि कैंसर का सही समय पर पता ना लगाया गया और उसका उपचार ना हो तो इससे मौत का जोखिम बढ़ सकता है।

कैंसर होने के कारण
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पलकेश अग्रवाल ने बताया कि कैंसर रोग के निदान के लिए सबसे महत्वपूर्ण जागरूकता है। जागरूकता से ही इस रोग को रोका जा सकता है व बचा जा सकता है। जैसा की हम जानते हैं कि कैंसर कई प्रकार के होते हैं। उनके होने के कारण भी अलग-अलग होते हैं। कैंसर के कारणों में

  • धूम्रपान करना
  • अधिक वजन होना
  • पौष्टिक आहार ना लेना
  • तंबाकू चबाना
  • व्यायाम ना करना… इत्यादि

कैंसर के लक्षण

  • लंबे समय तक गले में खराश होना
  • लगातार खांसी आना
  • आहार निगलने में दिक्कत होना
  • शरीर में किसी भी तरह की गांठ का अनियंत्रित बढना
  • कहीं से भी पानी या रक्त बहाव होना
  • तिल का बढ़ना और रंग बदलना
  • त्वचा में मस्सों का अधिक होना
  • किसी भी घाव का लंबे समय तक ठीक न होना
  • भूख कम लगना
  • वजन कम होना
  • थकान और आलस्य का बने रहना….इत्यादि