Marudhar Desk: कोरोना की तीसरी लहर का खतरा पूरे देश पर मंडरा रहा है। ऐसे में वैक्सीनेशन प्रोग्राम को तेजी देने के निर्देश सरकारों द्वारा दिए गए है। गहलोत सरकार ने भी कोरोना वैक्सीन लगवाना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो अभी भी कोरोना की गंभीरता और वैक्सीनेशन की महत्वता को नही समझ पा रहे है। कई लोग ऐसे है जो ड़र के मारे वैक्सीन नही लगवाना चाहते है। राजस्थान के जालौर जिले से भी ऐसी ही हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन टीम को देखकर लोग घर छोड़कर भाग खड़े हुए या फिर उनसे बहस-मारपीट पर उतर आए। ऐसा ही मामला सांचौर के माखुपुरा में देखने को मिला, जहां मेडिकल टीम को देखकर महिलाएं घर छोड़कर भाग गईं। कुछ महिलाएं मेडिकल टीम को धमकाने लगी। करीब 1 घंटे तक महिलाओं को समझाया, लेकिन महिलाएं टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद टीम के सदस्य एएनएम ने पीछा कर समझाने की कोशिश भी की लेकिन महिलाएं नही मानी। बता दें कि मेडिकल टीम के सदस्य एक घर में पहुंचे, जहां एक महिला काम कर रही थी। टीम ने महिला से वैक्सीन लगवाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया और उठकर घर के अंदर चली गई। इसी तरह एक दूसरी महिला भी घर से बाहर निकल गई। एक नर्सिंगकर्मी ने हाथ जोड़ते हुए कहा कि कोरोना का खतरा फिर से बढ़ रहा है, आप वैक्सीन लगवाओ। इस पर महिला ने नर्सिंगकर्मी को धमकी देते हुए कहा कि अगर मेरे हाथ लगाया तो मैं छोड़ूंगी नहीं। मेडिकल टीम ने उसे काफी देर तक समझाया, लेकिन उसने टीका नहीं लगवाया। जहां एक तरफ प्रदेश में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है और तीसरी लहर का डर भी अब सताने लगा है ऐसे में टीकाकरण के डर से मेडिकल टीम के पहुंचते ही महिलाओं का भाग जाना, रोना और कहीं महिलाओं का अपने आप को कमरे में बंद कर लेना आदि टीकाकरण के प्रति अन्य लोगों में भी खौफ पैदा करता है।