घड़साना शुक्रवार शाम दहशत में डूब गया जब कुछ लोगों ने कस्बे के बस स्टैंड पर फल वाले पर हमला कर दिया। हमलावर हथियारों से लेस होकर आए और आते ही बस स्टैंड पर खड़े एक फल बेचने वाले किशनलाल पर टूट पड़े। किसी को कुछ समझ नहीं आया। लोग हल्ला मचाते रहे, लेकिन हमलावर न केवल फल वाले को पीटते रहे। आसपास के लोगों को भी बीच में आने से रोकते रहे। उन लोगों ने जमकर गाली गलौज की और एक के बाद एक लाठियों और गंडासियों से कई प्रहार बुजुर्ग फल वाले पर कर डाले। असल में किशनलाल को जिस बात के लिए बेहद बेरहमी से पीटा गया वह भी बहुत बड़ी नहीं थी। दुकान पर आए मुकद़्दर ने एक लोअर पसंद किया और रुपए देने के समय बोला की बाद में दे दूंगा। इस पर दुकान पर मौजूद विशाल और रामदेव ने उन्हें रोका। दोनों का कहना था कि आरोपी की पहले भी कुछ उधारी बाकी है, वह भी अब तक नहीं चुकाई गई है। इस पर आरोपी गुस्सा करते हुए बिना लोअर लिए निकल गया। इसके कुछ समय बाद वह विशाल के पिता किशनलाल के बस स्टैंड पर लगे ठेले पर पहुंचा और वहां मौजूद रामदेव से झगड़ा करना शुरू कर दिया। उसने रामदेव पर गंडासी से वार भी किया। मामला पुलिस में भी गया लेकिन राजीनामा हो गया।