Marudhar Desk: जानवरों के साथ मारपीट, अमानवीयता की खबरें तो आप अक्सर ही सोशल मीडिया के माध्यम से सुनते पढ़ते होंगे। आए दिन हम इंसानों को जानवरों के साथ बेहद बुरा सलूक करते देखते है। लेकिन पालतू जानवर से प्यार और लगाव की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली है जो कि कल्पना से भी परे है। पालतू जानवर के लिए ऐसा प्रेम की फिर उसके लिए जान ही दे दी। एक युवक की मां ने उससे कहा कि कुत्ते को घर से बाहर निकाल दो तो युवक ने कुत्ते को बाहर निकालने के बजाय अपनी जान देना बेहतर समझा। जानवरों से अपनेपन और प्यार की ये मिसाल सामने आई है मध्यप्रदेश के छतरपुर से। हालांकि, ये मिसाल बेहद दुखद है। दरअसल, ये पूरा मामला विश्वनाथ कॉलोनी का है। जहां 38 साल के कमलेश का शव मंगलवार को फंदे से लटका मिला। कमलेश अपनी 65 साल की बुजुर्ग मां शांति मसीही और अपने पालतू कुत्ते के साथ रहता था। कमलेश के कुत्ते ने दो बार उसकी मां को काट लिया तो मां ने उसे घर से भगाने के लिए कहा। इस पर मां ने बेटे से कहा कि मां खुद मर जाऊंगा पर अपने पालतू को न मारूंगा और न ही भगाऊंगा। जब मां ने भला-बुरा कहा तो दोनों में बात बढ़ गई और बेटा गुस्से में बाहर चला गया। जिसके बाद कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर मां ने बाहर आकर देखा तो पैरो तले से जमीन खिसक गई। कमलेश ने अपने कुत्ते के साथ फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उसने फांसी का फंदा भी कुत्ते की जंजीर का ही बनाया था। लेकिन ने अपने कुत्ते के साथ फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस पूरे मामले में बताया जा रहा है कि कमलेश अपनी 65 साल की मां शांति मसीही के साथ खाली पड़े प्लाट पर झोपड़ी बनाकर रहता था। वह मैकेनिक का काम करता था। उसे अपने कुत्ते से बहुत प्यार था। वो उसे हमेशा अपने साथ ही रखता था। जिसके साथ उसने फांसी लगा ली थी।