मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। किसी दुर्घटना में उंगली अथवा हाथ कट जाने पर थोडी सी सावधानी रखकर उसे फिर से जोडा जा सकता है। हैंड एवं माइक्रोस्कुलर सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि उंगलियां या हाथ के पूरी तरह कट जाने पर कटे अंग को एक प्लास्टिक बैग में डालें और उसका मुंह कसकर बांध दें। एक डिब्बे में बर्फ भर लें। उसमें सीलबंद बैग को रखकर डिब्बे को सील कर दें। अस्पताल में पहले से सूचित करें तथा रास्ते में मरीज को कुछ भी खाने या पीने को नहीं दें।

Dr Girish Gupta

किसी दुर्घटना में हाथ-पैर में चोट लगने पर साफ कपड़े से ढक दें एवं लगातार दबाव बनायें रखें। हाथ को उंचाई पर रखें। हाथ या चोटग्रस्त भाग को सहारे के लिये कोई भी ठोस चीज जैसे फोल्डिंग अखबार या लकड़ी के स्केल इस्तेमाल कर सकते हैं। नारायणा मस्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, जयपुर में वरिष्ठ हैंड सर्जन डॉ. गिरीश गुप्ता 5 फरवरी से प्रत्येक माह के पहले शुक्रवार को सुभाष नगर स्थित ज्ञान शांति हॉस्पिटल में रोगियों को परामर्श सेवायें देंगे। शहर में विशेषज्ञ सेवायें मिलने से किसी दुर्घटना में कटे हुये हाथ या पैर, महसूस कराने वाली नसों व अंगुलियों के चलाने वाले रस्सों का क्षतिग्रस्त होने, जलने या बिजली के करंट से हुई परेशानी, उंगलियों में जन्मजात विकृतियों सहित कॉर्पल टनल सिन्ड्रोम, टेनिस एल्बो व ट्रिगर फिंगर आदि से जुड़ी जटिल बीमारियों का अत्याधुनिक इलाज अब कोटा में ही संभव हो सकेगा।