मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। संयुक्त किसान संघर्ष समिति जिला बारां व किसान महापंचायत सहित विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले आयोजित हुई। किसान महासभा में केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी कृषि अध्यादेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त अध्यादेश वापस नहीं लिए गए नहीं लिए गए तो समूचे प्रदेश में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

संगठनों के सभी किसान नेताओं का कहना है कि सरकार झूठ फैला रही है। एमएसपी खरीद जारी रहेगी। जबकि एमएसपी खरीद में 75% कटौती कर नाम मात्र की खरीद की जा रही है। जबकि देश का किसान सरकार से फसल खरीद गारंटी कानून देश में लागू कर लागत आधारित किसानों को फसलों का दाम देने की मांग कर रहे हैं। जो सरकार द्वारा चुनाव के वक्त वादा किसानों से किया गया था। लेकिन सरकार मुकर रही है और अपने मनमर्जी के कानून जबरन किसानों पर थोप रही है। जिसका विरोध देश एवं प्रदेश के किसान कर रहे हैं। किसान महासभा में सर्वदलीय किसान महासभा का आयोजन निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए सभी किसानों ने तीनों कृषि अध्यादेशो को किसान विरोधी बताते हुए निरस्त करने की पूरजोर मांग की और वापिस नहीं होने पर देश परदेश में किसान आंदोलन और तेज करने की चेतावनी भी दी। इस अवसर पर संयुक्त किसान संघर्ष समिति जिला बांरा के संयोजक रामचंद्र मीणा जलोदा, तेजाजी एवं किसान महापंचायत राजस्थान प्रदेश संयोजक सत्य नारायण सिंह नहरी, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष पवन यादव, युवा किसान नेता धर्मराज मेहरा, बजरंग लाल, सरपंच योगेश बराना, लखन मीणा, महुवा संयुक्त किसान संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी महावीर मीणा, मूंडली उपाध्यक्ष विक्रम जाट, जगदीश, बजरंग लाल मीणा, सोभाग धाकड़, रमेश धाकड़, रामनरेश मीणा, जलोदा तेजाजी साहब लाल मीणा, धर्मसिंह, बलजीत सिंह, बंटी आदिवासी सोरसण जगन्नाथ मीणा मूंडला रवि शर्मा, मऊ सरपंच जोधराज मीणा, हेमंत सहित सैकड़ों किसान सभा में शामिल रहे एवं सभा समापन के बाद विशाल किसान महारैली कृषि उपज मंडी अंता से उपखंड कार्यालय पहुंच कर एसडीओ राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपा गया।