मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। बस्सी उपखंड के बैनाड़ा गांव के विशाल बैरवा पुत्र ईश्वर बैरवा उम्र 17 वर्ष का सवाई मानसिंह अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों के द्वारा अंगदान करने की सहमति देने पर चार जरूरतमंद लोगों को एक नई जिंदगी दे गया। जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर एम्बुलेंस से सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया था। पिछले 6-7 दिन से अस्पताल में चल रहे उपचार के बाद सोमवार रात को चिकित्सकों की टीम ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। ब्रेन डेड घोषित करने के बाद चिकित्सकों की टीम ने परिजनों को अंगदान करने के लिए समझाइश करने के बाद परिजन अंगदान करने के लिये तैयार हो गए। उसके बाद एसएमएस चिकित्सकों की टीम ने देर रात को ही कैडर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर विशाल का लिवर और हार्ट चार्टर प्लेन से चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल भेजा गया। वही दोनों किडनियों का ट्रांसप्लांट सवाई मानसिंह अस्पताल में ही किया गया। ब्रेन डेड घोषित विशाल के परिजनों के द्वारा अंगदान के लिए लिया गया निर्णय चार जरूरतमंद लोगों को एक नई जिंदगी दे गया। परिजनों का कहना था कि हमारा बेटा तो इस दुनिया से चला गया। लेकिन हमारे बेटे के अंग किसी दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट होने से किसी दूसरे मां बाप के बेटे को एक नई जिंदगी मिलेगी। वही हमारे बेटे का दिल भी दूसरे व्यक्ति के शरीर में धड़कता रहेगा।

घर में मचा कोहराम: विशाल की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। मां बार-बार बेसुध हो रही थी हर कोई परिवार को ढांढस बांधने में लगा हुआ था। गांव में भी मौत की खबर सुनकर सन्नाटा फैल गया और हर कोई आश्चर्यचकित था।

परिवार में सबसे छोटा था विशाल: चार बहन भाइयों में विशाल सबसे छोटा था और विशाल की दो बड़ी बहिने हैं तीसरे नंबर का भाई और चौथे नंबर का स्वयं विशाल था। पिता मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा रहा था कि बच्चें पढ़ लिख कर काबिल हो कर भविष्य में उनका सहारा बनेंगे। लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था। लेकिन अकस्मात मृत्यु होने से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट गया।