कोटा के एमबीएस अस्पताल में वेंटिलेटर की प्लग निकाल चलाया कूलर, मरीज की हुई मौत…

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MBS Hospital kota

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान के कोटा जिले के एमबीएस अस्पताल से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। जहां आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के वेंटिलेटर का प्लग हटाकर तीमारदारों ने कूलर का प्लग लगा दिया जिससे मरीज की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने वहां मौजूद मेडिसन विभाग की एक रेजिडेंट के साथ अभद्रता की और उसे धमकियां भी दी। दरअसल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदारों ने गर्मी लगने पर वेंटिलेटर की प्लग हटाकर कूलर की प्लग लगा दी। कुछ देर तो वेंटिलेटर बैटरी से चलता रहा लेकिन बाद में अचानक वेंटिलेटर ने काम करना बंद कर दिया। मरीज की हालत अचानक बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने उसका सीपीआर किया लेकिन मैं मरीज को बचा नहीं पाए।

अधीक्षक डॉक्टर नवीन सक्सेना के मुताबिक 40 वर्षीय विनोद नाम का मरीज मेडिसिन आईसीयू में एडमिट था। मरीज वेंटिलेटर पर था लेकिन उसकी तबीयत में काफी सुधार था। जिसके बाद मेडिसिन आईसीयू खाली कराकर मरीज विनोद को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। उन्होंने आगे बताया कि वार्ड के स्टाफ ने मुझे सूचना दी कि मरीज के तीमारदार बाहर से कूलर लेकर आए। उन्होंने बिजली के स्विच में से वेंटिलेटर की पिन निकाल कर कूलर की प्लग को लगा दिया। वेंटिलेटर 25-30 मिनट तक बैटरी से चलता रहा। लेकिन जैसे ही वेंटिलेटर ने काम करना बंद कर दिया मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने स्टाफ को सूचना दी तो मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग के रेजिडेंट को तुरंत बुलाया गया। हमारे डॉक्टरों ने मरीज का सीपीआर किया लेकिन उसे बचा नहीं पाए। इस पूरी घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने रेजिडेंट के साथ अभद्रता की। बॉडी को कोविड-19 टेस्ट के लिए दूसरे अस्पताल भेजा गया जहां इस घटना से गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी रूम समेत कई जगहों पर 1 घंटे तक काम नहीं किया। सभी रेजिडेंट अधीक्षक के चेंबर में पहुंचे। वहां देर रात चली वार्ता के बाद सभी अपने काम पर लौटे।