जयपुर|Mahima Jain:राजस्थान में परीक्षा धांधली बाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है लगातार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है और ऐसे मे विद्यार्थियों का मनोबल भी टूटता हुआ नजर आ रहा है राजस्थान में ग्रामीण विकास अधिकारी (VDO) भर्ती परीक्षा लीक कांड में सियासत गरमा गई है। इस मामले में पुलिस ने सिरोही में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक आरोपी प्रकाश गोदारा NSUI का महासचिव बताया जा रहा है। ABVP ने पेपर लीक के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और इस पूरे लीक कांड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, NSUI ने कहा, आरोपी प्रकाश का संगठन से कोई नाता नहीं है। एग्जाम 27 और 28 दिसंबर को कराए गए थे।

ABVP के राष्ट्रीय मंत्री होशियार मीणा ने कहा की राजस्थान में पिछले कुछ समय से पेपर लीक और नकल के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कांग्रेस के नेता NSUI नेताओं के साथ साठ-गांठ कर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कर रहे हैं। रीट, पटवारी, RAS के बाद कांग्रेस सरकार में ग्रामीण विकास अधिकारी की परीक्षा में धांधली हुई। सीधे तौर पर NSUI के प्रदेश महासचिव की गिरफ़्तारी हुई है। ऐसे में इस मामले की जांच कर जल्द से जल्द करवाई जानी चाहिए ताकि प्रदेश के बेरोजगारों को न्याय मिल सके।

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वहीं, NSUI प्रदेश प्रवक्ता रमेश भाटी का कहना है कि जुलाई 2020 में जब संगठन की सभी कार्यकारिणी को भंग किया गया था। उसी समय प्रकाश गोदारा को महासचिव के पद से हटा दिया गया थ। ऐसे में वर्तमान में आरोपी का संगठन के साथ कोई संबंध नहीं है, लेकिन ABVP सिर्फ माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगा रही है।

जाने क्या है पूरी कहानी
दरअसल, प्रकाश गोदारा पेपर लीक कराने वाले गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। उसने अभ्यर्थियों को आंसर शीट देने का 15-15 लाख रुपए में सौदा किया था। पुलिस की शुरुवाती जांच में तीन लोगों से पैसे लेने की बात सामने आई है। पेपर लीक का यह मामला सिरोही में डमी कैंडिडेट इंदुबाला के पकड़े जाने के बाद सामने आया। उसने ही पूछताछ में पुलिस को प्रकाश की जानकारी दी।

सिरोही पुलिस ने बताया की इंदु बाला से हुई पूछताछ में उसने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने 27 दिसंबर को पहली पारी का पेपर आउट करवाया था। उन्होंने ही उसे व्हाट्सऐप के जरिए आंसर शीट भेजी थी। इसके बाद पता चला की सांचौर के जलाता में रहने वाले महिला के पति लादूराम विश्नोई, एनएसयूआई महासचिव प्रकाश गोदारा, राजू ईरान और प्रकाश बेरानी ने मिलकर पेपर आउट किया था।

15-15 लाख रुपये में सौदा तय किया
पुलिस जांच में सामने आया है की इसके लिए आरोपी प्रकाश गोदारा ने प्रश्न पत्र और आंसर शीट दिलवाने के लिए अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपए में सौदा तय किया था। आरोपी ने व्हाट्सऐप पर आंसर शीट भेजने की बात को स्वीकार की है। वहीं, इंदु बाला के पकड़े जाने के बाद प्रकाश गोदारा भी गुजरात भागने की तैयारी में था। इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे पकड़ में आया प्रकाश
पुलिस ने बताया कि सिरोही में सोमवार रात को संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही थी। तभी रात को 10.30 बजे बिना नंबर की एक काली SUV कार घूमती हुई मिली। इस दौरान पुलिस ने जब गाड़ी रोकनी चाही तो चालक मौके से भागने लगा, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।