मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। यूनानी पद्धति से असाध्य रोगों का भी इलाज संभव है। इस बात का दावा कल भी किया जाता था और आज भी किया जा रहा है। कोटा में यूनानी अस्पताल के प्रभारी डॉ. मोहम्मद शमीम खान (एमडी यूनानी) द्वारा यूनानी पेथी से कई असाध्य बिमारियों से लोगों को छुटकारा दिलाया है। डॉ. शमीम का यूनानी पैथी से कई मरीजों का सफलता पूर्वक किया इलाज तो आज भी यही दावा करता है। डॉ. शमीम का कहना है कि हाल में उन्होंने पित्ताशय की पथरी का यूनानी पैथी से सफल उपचार किया है। 9 एमएम की पित्ताशय की पथरी यूनानी चिकित्सा से ऐसे गायब हो गई जैसे सिर से सिंग। इस किस्म मोटी पथरी का उपचार ऐलोपेथी में सिर्फ और-सिर्फ ऑपरेशन है। उन्होंने बताया कि डडवाड़ा कोटा (जंक्शन) निवासी एक 65 वर्षिय महिला के पेट में रह-रह कर तेज दर्द उल्टी, जी मचलाना, भूख नहीं लगना व बुखार इत्यादि लक्षण हमेशा रहते थे। वह 29 अक्टूबर 2020 को मस्जिद गली, भीमगंजमण्डी कोटा (जंक्शन) स्थित सरकारी यूनानी दवाखाना में थक-हार कर पहुंची।

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डॉ. शमीम को अपनी बीमारी के बारे में बताया। इस यूनानी अस्पताल के सरकारी डॉक्टर मो. शमीम खान जो यूनानी पेथी में एम.डी. भी है, एमडी का मतलब हम समझ सकते है। उन्हें यूनानी मेडिसीन का विशेषज्ञ भी कहा जाता है। वह हमेशा यूनानी पेशी में मेडिसीन पर रिसर्च करते रहते है। अनेक असाध्य बिमारियों पर उनके रिसर्च से सफलताऐं भी मिली है। ऐसी ही एक सफलता 9 एमएम की पथरी वृद्ध महिला के पेट (पित्ताशय) से बाहर निकाल फेकी। महिला रोगी आज प्रसन्न है, और राहत महसूस करती है। वह बताती है कि जब उन्होंने अल्ट्रा सोनोग्राफी कराई तो पता चला कि पित्तशाय में सूजन व 9 एमएम की पथरी है। डॉ. शमीम ने इसका इलाज शुरू किया तो पन्द्रह दिन में ही उसे आराम मिलने लगा। इलाज के दो महीने बाद दुबारा सोनोग्राफी कराई गई जिसमें पित्ताशय में सुजन व पथरी नजर नहीं आई। विपदा पित्ताशय सामान्य पाया गया।