कोरोना पर विजय पाने के​ लिए दुनिया की ये दवा कंपनियां कर रही है दिन रात काम और…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। दुनियाभर के शक्तिशाली देशों के लिए वैश्विक महामारी बन चुका कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर देश की सरकार सख्त से सख्त कदम उठाते हुए नजर आ रही है। कई देशों में तो इस प्रकोप पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया जा रहा है। वहीं दुनियाभर के वैज्ञानिक अब इस खतरनाक वायरस का तोड़ ढूढंने के लिए दिन रात बड़ी बड़ी प्रयोगशाला में लगे हुए है। लेकिन फिर भी इस खतरनाक वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन या टीका तैयार नहीं हो पाया। फिर भी हमारे वैज्ञानिक या दवा निर्मित करने वाली संस्था पीछे नहीं हट रही है और लगातार खोजबीन में जुटी हुई है।

बता दें कि जब कोविड19 के वैश्विक खतरा नजर आने लगा तो दुनिया के कई बड़ी दवा निर्माताओं कंपनियों ने दवा और वैक्सीन की खोज शुरू कर दी है इनमें कुछ पुराने एंटीवायरल की मदद ले रहे हैं तो कुछ नया करने के साथ ही भविष्य में इस तरह की महामारी से बचाव के सूत्र खोज रहे हैं। इस कड़ी में दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिकी दवा कंपनी गिलीड की रेमडेसिविर दवा का 5 देशों में क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। जिसके लिए चीन में 1000 रोगियों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है इससे पहले इस दवा का परीक्षण इबोला के उपचार में किया गया था लेकिन वह विफल रहा था।

वहीं जर्मन कंपनी बायोएन टैक ने भी अनुवांशिक कोड में बदलाव कर एंटीबॉडी के उत्पादन और वैक्सीन पर बड़ी तेजी के साथ काम करना शुरू कर दिया है। साथ ही इसके ट्रायल को भी मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही जानकारी मिल रही है कि शंघाई की फॉसुन फार्मा जल्द ही चीन में यह टीके उपलब्ध करवाएगी। हालांकि चीन अब इस खतरे से बाहर निकल चुका है। लेकिन अमेरिका, इटली, जर्मनी, भारत जैसे देश अभी भी इस खतरनाक महामारी से लड़ते हुए नजर आ रहे है।

बहरहाल बता दें कि भारत में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगभग 11 हजार से ज्यादा पहुंच गई है। वहीं मरने वालों की संख्या का आंकड़ा भी 400 से ज्यादा पहुंच गया है। भारत में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों की संख्या महाराष्ट्र से सामने आ रही है।