नहीं टूटेगी जगन्नाथ पुरी की परंपरा, सुप्रीम कोर्ट ने दी रथ यात्रा निकालने की इजाजत…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने को लेकर इजाजत दे दी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय खंडपीठ में पूरी रथ यात्रा को लेकर सुनवाई हुई। कल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलेगी। तीन सदस्यीय खंडपीठ में शामिल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे जस्टिस एस बोपन्ना और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार को-ऑर्डिनेशन के साथ रथ यात्रा निकाले। लेकिन लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। कोर्ट का कहना है कि यदि ओडिशा सरकार को यात्रा या उत्सव के दौरान हालात बेकाबू होते दिखे तो इसे रोका भी जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पुरी के अलावा ओडिशा में और कहीं नहीं निकाली जाएगी।

बता दें कि देश में फैली कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा पर 18 जून को रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हमने रथ यात्रा की अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे। लेकिन इस आदेश को वापस लेने के लिए 21 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर कहा था कि श्रद्धालुओं के बगैर भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा सकती है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में करोड़ों लोगों की आस्था है। रथ यात्रा की परंपरा के अनुसार अगर भगवान जगन्नाथ कल बाहर नहीं आए तो फिर 12 साल तक बाहर नहीं आ पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि 1 दिन का कर्फ्यू लगा कर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा सकती है। ओडिशा सरकार ने भी इसका समर्थन किया था। बता दें कि अगर इस बार रथयात्रा नहीं निकाली जाती तो पिछले 285 वर्षों में ऐसा दूसरी बार होता। एक बार पहले मुगलों के दौर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा रोकी गई थी।