कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब किसानों को सीधे ही करना होगा ये काम…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब किसानों को बार-बार कृषि विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। किसान को पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा अधिकारी भी इसी पोर्टल पर सारी प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। किसान को भी पोर्टल पर उसके आवेदन पर होने वाली हर गतिविधि की जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी।

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में कृषि अनुदान की पत्रावलियों की मंजूरी में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने व वरीयता के अनुसार किसानों को तत्काल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज किसान साथी पोर्टल की शुरुआत की है। किसानों को इस पोर्टल के जरिए कृषि योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन करने होंगे। किसान के आवेदन करने के बाद पोर्टल पर ही कृषि अधिकारी इनकी जांच कर योजनाओं की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति जारी करेंगे। प्रथम चरण में विभाग की पांच योजनाओं को राज किसान साथी पोर्टल से जोड़ा गया है। इनमें कृषि यंत्र, जलहोज, फार्म पोंड, सिंचाई पाइप लाइन तथा एग्रीकल्चर छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति शामिल है। ये सभी राज किसान साथी पोर्टल के जरिये ही स्वीकृत की जाने लगी है। अब तक इन योजनाओं के आवेदन ई-मित्र के जरिये किए जाते थे। जिसकी हार्डकॉपी किसानों को विभाग कार्यालय में जमा करवानी होती थी। वहीं विभाग के द्वारा फव्वारा सिंचाई यंत्र, पौध संरक्षण उपकरणों के आवेदन की प्रक्रिया ई-मित्र के जरिये ही लागू है। जिनमें ऑफलाइन प्रोसेस किया जा रहा है।

योजनाओं में फर्जीवाड़ा व वरीयता से छेड़छाड़ नहीं होगी, खामी है तो मैसेज से चलेगा पता

पोर्टल के जरिये कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन किए जाने से किसानों को वरीयता का पूरा फायदा मिलेगा। दूसरा स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। किसान को अनुदान स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया मोबाइल मैसेज के जरिये किसान तक पहुंचती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि कृषि योजनाओं की स्वीकृति के लिए विभाग के द्वारा पोर्टल बनाए जाने से अब ऑफ लाइन की तरह आवेदन की वरीयता के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। कोई खामी रही तो किसान को मोबाइल मैसेज से तत्काल सूचित किया जाएगा।