Jaipur: कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर से अभी तक देश पूरी तरह उबरा नही है। वहीं अब तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। इस बार खतरा ज्यादा बच्चों व बुजुर्गों को है। राजस्थान में भी अब कोरोना के मरीजों की गिनती में हर रोज़ इजाफा हो रहा है। जिनमें सबसे ज्यादा संक्रमित बुजुर्ग और बच्चे ही आ रहे है। आपको बता दें कि कुल मरीजों में से 70 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जो वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके है। मंगलवार को प्रदेश में 23 मरीज सामने आए। इससे पहले सुबह एक निजी स्कूल के 12 बच्चों में कोरोना की पुष्टि हुई। ऐसे में कोरोना मरीज़ो के सामने आने से चिंता बढ़ गई है।

प्रदेश लगातार सामने आ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर SMS अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि जो व्यक्ति कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं, ऐसा नहीं है कि वे व्यक्ति कोरोना से संक्रमण की चपेट में आने से बच जाएंगे। ऐसे व्यक्तियों में इम्युनिटी विकसित होने से उनमें कोरोना से गंभीर बीमार होने या मौत होने से बचने की संभावना ज्यादा रहती है। कोरोना महामारी की असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ा है। लंबे समय तक स्कूल बंद रहने के बाद अब खुले हैं तो अब स्कूलों में बच्चे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे है। जयपुर में नवंबर में 22 बच्चे संक्रमित हुए हैं। इसमें 16 बच्चे तो तीन प्रतिष्ठित स्कूल के हैं, जिसमें से एक स्कूल को तो 7 दिन के लिए बंद करना पड़ा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण से बचाव की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही सरकार के द्वारा भी सभी से कोरोना नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। हालांकि, बढ़ते कोरोना के मामले अब चिंता का सबब बनते जा रहे है।