Jaipur: कोरोना महामारी की तीसरी लहर का कहर अब बरपने लगा है। राजस्थान में भी तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। प्रदेश में नवंबर महीने में अबतक 265 संक्रमण के नए मामले सामने आ चुके है। हालांकि, राहत की बात ये है कि अभी तक प्रदेश में नया वैरिएंट सामने नही आया है। वहीं नवंबर माह में प्रदेश में जितने भी केस आए है उनमें सबसे ज्यादा राजधानी जयपुर में आए है। जिसके बाद कोरोना का हॉट-स्पॉट जयपुर बन गया है। जयपुर SMS मेडिकल कॉलेज में RTPCR के साथ-साथ रैंडम केस की जीनोम सिक्वेसिंग की जांच भी करवाई जा रही है। पिछले 3 महीने के अंदर जयपुर के 750 से ज्यादा सैंपल की जांच करवाई गई है। इनमें एक भी सैंपल में नया वैरिएंट नहीं मिला है। जीनोम सिक्वेसिंग के लिए राजस्थान से लगभग 3500 सैंपल जयपुर समेत देश के दूसरे लैब में भिजवाए गए थे। इनमें भी नए वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। अगर बात करें नए वैरिएंट की तो इसे अब तक का सबसे ज़्यादा म्यूटेशन वाला वेरिएंट बताया जा रहा है।इसमें इतने ज़्यादा म्यूटेशन हैं कि इसे एक वैज्ञानिक ने डरावना बताया है तो दूसरे वैज्ञानिक ने इसे अब तक सबसे ख़राब वेरिएंट कहा है। दुनियाभर में इस नए वैरिएंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों की बात करें तो इसके पीछे बड़ा कारण लापरवाही भी है। शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में भीड़ आ रही है। शादी व अन्य कार्यक्रमों पर से सभी पाबंदिया हटा दी गई है। हालांकि, सरकार लगातार प्रदेशवासियों को सावधानी बरतने की हिदायत दे रही है। लेकिन लोगों ने लापरवाही के चलते मास्क लगाना छोड़ दिया है, सार्वजनिक स्थलों पर भी न तो लोगों के मुंह पर मास्क दिखाई देता है न ही सामाजिक दूरी कहीं दिखाई देती है। शादियों का सीज़न है तो बाजारों में भी खूब भीड़ जुटती है। इस तरह की लापरवाही भी प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के मामलों का एक मुख्य कारण है। यह लापरवाही बच्चों पर सबसे ज्यादा भारी पड़ सकती है, क्योंकि बच्चों का अभी वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा ये लापरवाही उन लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है।