Marudhar Desk: मरुधर बुलेटिन की खबर चलने के 2 घंटे बाद ही असर देखने को मिल गया। शराब भंड़ारण को लेकर भले ही प्रशासन की आंखे बंद हो लेकिन मरुधर बुलेटिन की खबर के बाद जनता की आंखे खुल गई है। शराब भंडारण को लेकर मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने धरना-प्रदर्शन किया। दरअसल, राजधानी में आबकारी महकमा और पुलिस प्रशासन की सरपरस्ती में शराब का कारोबार फल फूल रहा है। सभी नियमों को धत्ता बताते हुए देर रात तक ठेकों और अवैध ब्रांचों पर जाम छलकाए जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब जयपुर-कालवाड़ रोड पर माचवा के पास मेन रोड पर शराब के गोदाम पर ही शराब सजाकर दिन दहाड़े बेची जा रही है। ठेकेदारों के आगे आबकारी विभाग भी नत मस्तक हो गया है। जिसके बाद मरुधर बुलेटिन ने इस पूरे मामले को उठाया तो स्थानीय लोग भी हरकत में आए। और शराब के भंड़ारण को लेकर कालवाड़ रोड़ पर प्रदर्शन किया। शराब भंड़ारण को लेकर महिलाओं ने भी आवाज उठाई। वहीं, स्थानीय लोगों के द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा है। प्रशासन का कहना है कि दो दिन के भीतर शराब भंड़ारण को बंद करवा दिया जाएगा। गौरतलब है कि राजधानी में कालवाड़ रोड पर पिछले दो तीन माह के हालात देखें तो यही नजर आता है कि अब आबकारी विभाग शराब ठेकेदारों और माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेगा। आखिर विभाग को आमदनी इन्हीं ठेकेदारों से होती है। करीब दो वर्ष से अधिक समय से झोटवाड़ा आबकारी थाना अधिकारी के पद पर आसीन जयकृत सिंह अपना सिस्टम जमा कर बैठ गए है। इस रोड पर स्थित शराब ठेकों और अवैध ब्रांचों पर देर रात तक शराब की बिक्री हो रही है मगर क्या मजाल जो इनकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को कर पाए, क्योंकि इसके लिए आबकारी विभाग ने तोड़ निकाल लिया है और शिकायतकर्ता का नाम शराब ठेकेदारों और शराब माफियाओं को बता दिया जाता है उसके बाद में ठेकेदार और शराब माफियाओं की ओर से शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देनी शुरू हो जाती है और ऐन-केन प्रकारेण उसे दबा दिया जाता है। आबकारी थाना अधिकारी जयकृत तो शिकायतकर्ताओं के फोन तक नहीं उठाते है और शराब ठेकेदारों के फोन उठाने में उन्हें जरा भी लज्जा महसूस नहीं होती। लगातार देर रात तक बिक रही शराब को रोकने में उनकी अनदेखी के चलते दाल में कुछ काला भी नजर आने लगा है।

रात आठ बजे बाद होता है मनमानी वसूली का असली कारोबार
राजधानी जयपुर में कालवाड रोड पर आधी रात तक शराब बेची जा रही है। शराब ठेकेदार कहने को तो रात आठ बजे शराब ठेके के शटर नीचे गिरा देते है लेकिन उसमें ही छेद कर या फिर पीछे होटल की आड़ में शराब की देर रात जमकर बिक्री कर रहे है। वही शराब की निर्धारित रेट से अधिक कीमत वसूल कर जेबें भरने में लगे हुए हैं। कालवाड़ रोड की तो हालात यह है कि शराब गोदाम मेन रोड पर खोल दिया गया है जहां दिन दहाड़े शराब की बिक्री की जा रही है जबकि नियमानुसार शराब गोदाम में शराब को सजावट करके नहीं रखा जा सकता और न ही शराब की बिक्री गोदाम से की जा सकती है। मगर यहां सैया भये कोतवाल तो फिर डर काहे का होय वाली कहावत चरितार्थ करते हुए शराब गोदाम में भी शराब बेची जा रही है। सभी को नियमों को धता बताते हुए शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह अवैध ब्रांचे भी खोल दी है जिसके कारण आमजन का अमन चैन गायब हो चुका है। शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई विभाग की ओर से नहीं करने के कारण आखिर शिकायतकर्ता भी मन मसोस कर रह जाता है।

शराब माफियाओं का गढ़ बनी कालवाड़ रोड
कालवाड़ रोड पर देर रात तक शराब बिकना अब आम हो गया है। करीब आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर रात आठ बजे बाद भी शराब बेची जा रही है। झोटवाड़ा इलाके में कांटा, बोरिंग चौराहा, बाईपास, रावण गेट, राज मोटर्स के पास गोविंदपुरा, इलाहाबाद बैंक के पास हाथोज, रॉयल सिटी के पास माचवा, रामकुटिया सहित कई अन्य जगहों पर रात को दस-ग्यारह बजे तक भी शराब ठेकेदार धडल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। इन जगहों की स्थानीय वाशिंदों ने कई बार आबकारी विभाग को शिकायत भी की मगर शराब ठेकेदारों की पहुंच और विभाग की ओर से शिकायतों को नजर अंदाज करने के कारण आज तक इन शराब विक्रेताओं के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।