बाड़मेर कोरोना के इस संक्रमण काल में सबसे ज्यादा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। कोरोना की दूसरी लहर का पीक थमने के बाद 21 जून से स्माईल 3 प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया गया है। इस सारा प्रोजेक्ट ऑनलाइन है। लेकिन प्रदेश के बाड़मेर जिले के कुछ ऐसी भी ढ़ाणियां है, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता और न ही वहां जाने के लिए कोई पक्की सड़क है। ऐसे में स्कूल के टीचर ऊंट पर 10 से 12 किलोमीटर का सफर तय कर बच्चों तक पहुचेंगे।

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