आतंकी हमले में सीकर का जवान हुआ शहीद, मां से किया था गांव आने का वादा लेकिन….

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martyr deepchand

मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क।  बुधवार को जम्मू कश्मीर के बारामूला में घात लगाए बैठे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों के दल पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में राजस्थान के सीकर जिले के बावड़ी गांव निवासी सीआरपीएफ जवान दीपचंद वर्मा भी शहीद हो गए। सीआरपीएफ जवान की शहादत की खबर मिलने के बाद ही गांव में मातम छा गया। जहां लोगों को बहादुर जवान की शहादत पर गर्व है, वही उनकी पत्नी मां और परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है। जवान दीपचंद का 6 महीने पहले ही प्रमोशन हुआ था। वे सीआरपीएफ की 179 बटालियन में हेड कांस्टेबल तैनात थे। शहीद दीपचंद में हमेशा से ही सेना में भर्ती होने का जज्बा था और इसी जज्बे और मेहनत की बदौलत साल 2003 में वह सीआरपीएफ में भर्ती हुए। बुधवार को आतंकवादियों के द्वारा किए गए हमले में दीपचंद घायल हो गए थे जिसके बाद उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दीपचंद ने एक दिन पहले ही मां प्रभाती देवी को फोन कर कहा था कि 11 जुलाई से छुट्टी मिल गई है बच्चों को लेकर गांव आऊंगा।  मां प्रभाती देवी बेटे के इंतजार में बैठी है, लेकिन बेटा तो अपनी दूसरी भारत मां की गोद में हमेशा के लिए सो गया है।

मां से बात करने के बाद जवान दीपचंद ने पत्नी सरोज देवी को फोन किया और बताया कि 11 जुलाई से छुट्टियां स्वीकृत हो गई है। इस बार घर आने पर बच्चों के साथ गांव चलेंगे। लेकिन अगले ही दिन जवान दीपचंद की शहादत की खबर आ गई। जवान दीपचंद सीकर के बावड़ी गांव के रहने वाले हैं लेकिन उन्हें अजमेर में सीआरपीएफ क्वार्टर मिला हुआ है जहां उनकी पत्नी और बच्चे रहते हैं। जवान दीपचंद की शादी साल 2004 में हुई थी उनकी एक 13 साल की बेटी कुसुम है जो सातवीं कक्षा में पढ़ती है। वहीं, उनके दो जुड़वा बेटे विनय और विनीत है जो पांचवी कक्षा में है। जवान दीपचंद की शहादत की सूचना उनके चाचा ओंकारमल को दी गई। जैसे ही खबर फैली पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मिली जानकारी के अनुसार आज गुरुवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा।