मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। 7 जनवरी इटावा पुलिस उप अधीक्षक के पद पर विजय शंकर शर्मा को लगाया गया है। विजय शंकर शर्मा का अब तक का कार्यकाल बहुत ही सराहनीय रहा है और जनता उन्हें एक दबंग अधिकारी के रूप में जानती है। आइए जानते हैं विजय शंकर शर्मा के बारे में वर्ष 1996 में सब इंस्पेक्टर के पद पर राजस्थान पुलिस ज्वाइन की शुरुआत में जयपुर पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर रहते हुए थाना विधायक पुरी, थाना आमेर, थाना मानक चौक, थाना कोतवाली पर कार्य किया। इस दौरान जयपुर के नामचीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। जयपुर पुलिस के द्वारा वर्ष 2003 में ऑपरेशन ब्लैक होल चलाया गया। जिसमें एंटीक्स के तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही करने वाली टीम में सदस्य रहे। जिसमें वामन नारायण किया प्रमुख मूर्ति तस्कर को गिरफ्तार करवा कर सजा दिलाने की महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार द्वारा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाकर पुलिस निरीक्षक पर पदस्थ किया गया। तदुपरांत सीआईडी सीबी जोधपुर में पदस्थापित हुए। वहां पर 8 महीने से लापता एक व्यक्ति की तलाश के दौरान खेड़ापा थाना क्षेत्र के बावड़ी गांव में खेत से 600 फीट गहरे ट्यूबेल से लाश के अवशेष बरामद कर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया तथा अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा करवाई जोधपुर के पश्चात बारां जिले में अपराध सहायक और जिला विशेष टीम के प्रभारी रहते हुए। मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्यवाही की थाना अधिकारी कोतवाली बारां के पद पर वर्ष 2007 में चार्ज लिया। तब बहुत चुनौतियां थी उनका सामना किया संपत्ति संबंधी अपराधों में बहुत कमी लेकर आए बारां शहर में कानून व्यवस्था व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखा महत्वपूर्ण अपनों को तुरंत खोलने पर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में भूमिका अदा की बारा कोतवाली के जर्जर हो रहे भवन को एक नया स्वरूप जन सहयोग से दिया गया। एक आधुनिक कोतवाली बांरा शहर को बना कर दी तत्पश्चात उद्योग नगर कोटा शहर में थाना अधिकारी के पद पर तैनात रहे। वहां पर लाला बैरागी हत्याकांड भानु प्रताप हत्याकांड सहित कई जघन्य हत्याकांड के अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। कोटा शहर में उद्योग नगर महावीर नगर नयापुरा गुमानपुरा में पदस्थापित रहे तथा संचित निरीक्षक के रूप में पदस्थापित रहते हुए पुलिस लाइन की कायाकल्प करवाई गई। बांरा के छबड़ा व कोतवाली बांरा में पुनः पदस्थापन रहा। इस दौरान छबड़ा में मादक पदार्थों के विरुद्ध अवैध कार्यवाही की तथा बिगड़े हुए सांप्रदायिक सौहार्द को सुधार कर सामंजस्य स्थापित किया गया। छबड़ा थाने के भवन को एक नया स्वरूप दिया गया टोंक कोतवाली में पदस्थापन के दौरान मादक पदार्थों के सेवन करने वालों के खिलाफ वह जुआ सट्टा करने वालों के खिलाफ अंकुश लगाया। साथ ही खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही की कोतवाली से ही पुलिस उप अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने पर झालावाड़ एससी-एसटी सेल में पदस्थापित हुआ। झालावाड़ वृत्त का चार्ज भी रहा। जहां अनसुलझे हत्याकांड को सुलझाया। कोरोना महामारी में आमजन को सहायता पहुंचाना या लोकडाउन के पालना कराना मुख्य दे रहा। झालावाड़ से ट्रांसफर होकर 12 एससी-एसटी सेल में पदस्थापित होने के दौरान कमजोर वर्ग के प्रकरणों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से अनुसंधान करवाया गया। ऑपरेशन आवाज के तहत ऑनलाइन वेबीनार साइबर अपराधों से बचने के लिए वेबीनार आयोजित की जा कर फेसबुक यूट्यूब पर सीधा प्रसारित करवाया गया। परिवादीयों की जनसुनवाई के ई जनसुनवाई का नवाचार प्रारंभ किया गया। कोटा शहर बांरा, झालावाड़, टोंक, जयपुर में पदस्थापन के दौरान कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण ड्यूटिया की गई।