लोगों को बसों में भेजना एक गलत कदम: नीतीश कुमार

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nitish kuamr

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखकर देश की हर राज्य की सरकार संकट से जूझती हुई नजर आ रही है। लेकिन फिर वो अपनी जनता की सुख शांति, भोजन, रहने आदि की व्यवस्था करती हुई नजर आ रही है। इसके अलावा जनता के लिए नई नई घोषणाएं करती हुई नजर आ रही है। हाल ही में नीतीश सरकार ने भी जनता के लिए कई घोषणाएं की है।

बहरहाल बता दें कि हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार ने मजदूरों के लिए की गई बसों की व्यवस्था पर नाराजगी जताई और कहा कि ये सरकार के द्वारा उठाया गया गलत फैसला साबित हो सकता है। क्योंकि अगर एक साथ इतने व्यक्ति बस में बैठकर यात्रा करेंगे तो इससे कोरोना वायरस अधिक फैलने का डर होगा और फिर सरकार को इस वायरस से निपटने में काफी मुश्किल होगी।

दरअसल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली, यूपी बॉर्डर पर जमा लोगों को घर पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था का ऐलान किया है। ऐसे में ये तो मुमकिन है कि इस व्यवस्था के चलते यूपी में रह रहे बिहार के लोग अपने गांव पहुंचने की कोशिश करेंगे और ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा काफी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लॉकडाउन को पूरी तरह फेल कर देगा। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार ने सुझाव दिया कि अगर स्थानीय स्तर पर ही कैम्प लगाकर लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की जाएं तो वो सबसे बेहतर होगी। गौरतलब है कि दिल्ली एनसीआर से हजारो की संख्या में लोग अपने घरों में जाने के लिए पैदल ही निकल रहे हैं। ऐसे में यूपी सरकार ने बसों का इंतजाम किया है। हालांकि यूपी सीएम का ये फैसला सही हो सकता है। लेकिन अगर बस में कोई भी कोरोना से संक्रमित बैठ जाता है तो वो बहुत हानिकारक साबित हो सकता है।