कंपनियों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर SC ने सुनाया फैसला, कंपनियों पर नहीं होगी सख्त कार्रवाई…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्राइवेट कंपनियों और एमएसएमई द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा है कि हमने पहले सुनवाई में निर्देश दिए थे कि प्राइवेट कंपनियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह आदेश अभी भी जारी रहेगा। गृह मंत्रालय ने 29 मार्च को कहा था कि लॉकडाउन अवधि में कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाए। प्राइवेट कंपनियों ने गृह मंत्रालय के इस आदेश को कोर्ट में चैलेंज किया था। कंपनियों का कहना था कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट कंपनियों द्वारा दायर की गई याचिकाओं में लॉकडाउन में 54 दिनों की अवधि के लिए कर्मचारियों के पूर्ण वेतन और भुगतान करने के गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने सुनवाई करते हुए कहा-“हमने नियोक्ताओं के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। पहले के आदेश जारी रहेंगे। जुलाई के अंतिम सप्ताह में केंद्र को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा। राज्य सरकार के श्रम विभाग कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच बातचीत में मदद करेंगे।”बता दें कि जस्टिस अशोक भूषण जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अम आर शाह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। बेंच ने 4 जून को इस पूरे मामले पर अपना फैसला रिजर्व रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि लॉकडाउन अवधि में कर्मचारियों को बिना वेतन दिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए।