जयपुर/ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर चल रहा संसद और गतिरोध आज मुख्यमंत्री के आवास पर हुई साढे 3 घंटे की बैठक के बाद खत्म हो गया और राजस्थान के 20 लाख से अधिक दसवीं व 12 वी बोर्ड के विद्यार्थियों को राहत दी गई है ।राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर कोरोना के कारण संशय बना हुआ था और कल मंगलवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान करने के बाद राजस्थान के दसवीं कक्षा और बारहवीं कक्षा के करीब 21 लाख विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों मैं जो आसमजंस चल रहा था कि बोर्ड की परीक्षाएं होगी या नहीं होगी इसको लेकर एक उम्मीद जगी थी कि शायद राजस्थान में भी गहलोत सरकार केंद्र के निर्णय और 7 राज्यों में बोर्ड परीक्षाएं नहीं करने के निर्णय को देखते हुए प्रदेश में भी बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी जाएगी।कल मंगलवार को पीएम मोदी द्वारा केंद्रीय बोर्ड की परीक्षा 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने के ऐलान के बाद राजस्थान सरकार के शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने तत्काल ट्वीट करके ऐलान किया था कि राजस्थान में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बुधवार को निर्णय लिया जाएगा ।आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर साईं 6:15 बजे हुई बैठक में मंथन के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची की कोरोना संक्रमण काल की भयावहता को देखते हुए बोर्ड परीक्षाएं कराना इतने बड़े पैमाने पर संभव नहीं है और विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता और आखिर निर्णय लिया गया कि दसवीं बोर्ड में सर्वाधिक 12.14 लाख विद्यार्थी हैं तथा 12 वी बोर्ड मे 8.82 लाख विद्यार्थी हैं और इतनी विद्यार्थियों की परीक्षा का अरेंजमेंटकलना मुश्किल है तथा विद्यार्थियों की स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ नहीं किया जा सकता ऐसे में बोर्ड की परीक्षाएं रद्द की जा कर दसवीं व 12 वी के विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाने का निर्णय लिया गया ।