भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने आज वर्चुअल माध्यम से प्रेस वार्ता की। उन्होंने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस वर्तमान में सरकार की नहीं बल्कि विपक्ष की जिम्मेदारी निभा रही है। कोरोनाकाल में राज्य सरकार सिर्फ केन्द्र सरकार को दोष देने का ही काम कर रही है, हाल ही में कांग्रेस का टूलकिट सबके सामने आया जिसके माध्यम से कांग्रेस का राजनैतिक दृष्टिकोण साफ दिखाई दिया। राजस्थान सरकार का टूलकिट पहला तो कार्यशून्यता हो उसके आगे अज्ञानता हो उसके आगे बहानेबाजी हो, फिर झूठ बोलो उसके बाद लुक्का छिपी करो। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ा कहता है कि 1 अप्रेल से 20 मई तक 3 हजार 900 मौंते हुई है जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 14400 से अधिक मौते हुई है। राजस्थान में गांव भगवान भरोसे है। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सितम्बर 2020 से मार्च 2021 तक देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ तीन बार संवाद किया और आगाह किया कि महामारी आने वाली है आप सतर्क रहो। प्रधानमंत्री जी ने 5 जनवरी 2021 को सभी राज्यों में आॅक्सीजन प्लांट लगाने के लिए पीएम केयर फंड से 200 करोड़ से अधिक रूपये स्वीकृत किए जिनमें से 4 आॅक्सीजन प्लांट राजस्थान में भी लगने थे, आज की तारीख में राजस्थान के लिए 19 आॅक्सीजन प्लांट स्वीकृत हो चुके है लेकिन कोरोना की पहली लहर से दूसरी लहर के बीच राजस्थान सरकार ने एक भी आॅक्सीजन प्लांट नहीं लगाया। कोरोना की दूसरी लहर में जब हालात बैकाबू हुए और प्रदेश में आॅक्सीजन की अत्यधिक कमी आने लगी तब राजस्थान सरकार द्वारा आॅक्सीजन के लिए हल्ला मचाया गया, केन्द्र सरकार ने रेलवे और सेना के हवाई जहाजों का इस्तेमाल कर आॅक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाई, लेकिन राजस्थान सरकार नहीं ला सकी क्योंकि उसके पास आॅक्सीजन कैरी करने के लिए साधनों की कमी थी। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूर्णतया विफल रही है। एक वर्ष पूर्व केन्द्र सरकार द्वारा वैंटिलेटर पहुंचा दिए गये लेकिन अभी तक इसके इस्तेमाल के लिए ट्रैनिंग देना तो दूर उन्हें कबाड़ में डाल दिया और खोला नहीं गया। कुछ स्थानों पर निजि अस्पतालों को किराऐ पर दे दिए और निजि अस्पतालों ने गरीब जनता को जमकर लूटा। सरकार प्रारम्भ से ही लाॅकडाउन का पालन सख्ती से करवाती तो संक्रमण बढ़ने से रोका जा सकता था लेकिन सत्ताधारी लोगों के विवाह समारोह में भीड़ जमा हो रही थी। यह बीमारी सही समय पर पकड़ में आ जाए तो इसे बढ़ने से रोका जा सकता है, इसके लिए कोरोना के लक्षण दिखाई देते ही टेस्ट करवाना आवश्यक है लेकिन लगता है सरकार के लिए विधायकों का लाॅयल्टी टेस्ट जरूरी है जनता का कोरोना टेस्ट नही, सरकार की छवि अच्छी रहे आंकडे अच्छे आए इसके लिए राज्य सरकार का एक ही नारा है ना होंगे कोरोना टेस्ट ना दिखेंगे केस। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि रेमडेसिविर और एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन ऐसे इंजेक्शन थे जिनके देश में पूरे साल में लगभग 200-300 केस आते थे। इसलिए इनका उत्पादन बहुत कम होता था लेकिन वर्तमान परिस्थिति में जब इनकी अत्याधिक आवश्कता पड़ी तो केन्द्र सरकार दुनिया भर की कम्पनीयों से बात कर बड़ी मात्रा में इनका उत्पादन करवा रही है और सरकार ने पूरे उत्पादन को खरीदने का भरोसा दिलाया है। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राजस्थान की जनता के साथ छल कर रही है, गांवों में लोग मरते रहें इन्हें कोई परवाह नही, इन्हे आंकडे़ कम दिखाने है, टेस्ट कम होंगे तो केस कम होंगे और लोगों को मौतों का पता नहीं चलेगा