Bhilwara।भीलवाड़ा जिले के सुवाणा ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी साबिया बानो एक बार भी विवाद में आ गई है जब उन्होंने अवकाश के दिन उपार्जित अवकाश को लेकर पूर्व में निकाले गए आदेश को प्रतिहरित किया और ब्लॉक मैं उनके अधीनस्थ सभी सरकारी स्कूलों की पी ई ई ओ और संस्था प्रधानों को संबंधित शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड( सेवाभिलाख) में उपार्जित अवकाश इंद्राज नहीं करने के आदेश निकाले और यह आदेश उस समय निकाला गया है।जब निदेशालय द्वारा 2 दिन पूर्व ही उक्त मामले को लेकर जांच कराई जा कर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच जारी है ।विदित है कि सुवाणा ब्लॉक की मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी साबिया बानो ने नियमों को दरकिनार करते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर कोरोना महामारी के नाम पर धड़ल्ले से अपने अधीनस्थ स्कूलों के शिक्षकों और कार्मिकों के उपार्जित अवकाश स्वीकृत कर दिए थे।

उपार्जित अवकाश में कई अवकाश ऐसे भी थे जब कोरोना का हाल शुरू भी नहीं हुआ था और कोरोना के नाम पर स्वीकृति दे दी इस मामले का खुलासा दैनिक रिपोर्टर्स डॉट कॉम द्वारा किए जाने पर निदेशालय बीकानेर से निदेशक सौरभ स्वामी के आदेश पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मा राम चौधरी ने जांच कर तत्काल तथ्यात्मक रिपोर्ट निदेशालय निदेशक स्वामी को भेजी इस रिपोर्ट के आधार पर निदेशक सौरभ स्वामी ने निदेशालय से 3 सदस्य एक तकनीकी कमेटी का गठन कर 1 सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के आदेश किए थे इस आदेश के 2 दिन बाद ही साबिया बानो ने शनिवार 13 जून को अवकाश के दिन एक आदेश निकाला जिसमें उपार्जित अवकाश स्वीकृति के आदेश को प्रतिहारित करने तथा ब्लॉक में अपने अधीनस्थ सभी पीईईओ और संस्था प्रधानों को निर्देश दिए कि वह संबंधित शिक्षक व कार्मिकों के सेवा अभिलेख में उपार्जित अवकाश का उल्लेख ना करें और इसका संबंधित प्रमाण पत्र तत्काल भेजेंसाबिया बानो का तुगलकी आदेश ?13 जून रविवार होने के कारण राज्य सरकार के नियम आदेशानुसार सभी स्कूले बंद होती हैं और कार्यालय भी बंद होता है । अब सवाल यह उठता है कि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी साबिया बानो ने 13 जून को यह आदेश निकाला और संस्था प्रधानों को इस आदेश में निर्देशित किया कि वह उनके द्वारा निकाले गए उपार्जित स्वीकृति आदेश को संबंधित शिक्षक और कार्मिकों के सेवाभिलेख में इंद्राज नहीं करके 13 जून को ही इसका प्रमाण पत्र मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भेजें ।अब सवाल यह उठता है कि अवकाश के दिन स्कूल बंद होने पर संस्था प्रधान उसी दिन कैसे इसका प्रमाण पत्र भेज सकते हैं क्या यह तुगलकी आदेश की श्रेणी में नहीं आता ?