राजगढ़ (अलवर) उपखंड के समीपवर्ती ग्राम माचाड़ी की 5 वर्षीय कीर्ति कोलावत का जुनून और हौंसला बेमिसाल है। हाल ही जब वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान छोटे बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है उस दौरान अपने शिक्षक पिता व बड़ी बहनों के सहयोग से अनुपयोगी सामग्री से शिक्षण सहायक सामग्री बनवाकर प्रेरित कर रही है। इस वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान यदि सबसे ज्यादा कुछ बर्बाद हुआ है तो वह है नन्हे-मुन्ने बच्चों की पढ़ाई, ऐसे दौर में बालिका द्वारा किए गए इस तरह के कार्य प्रेरणादायक व काबिल ए तारीफ हैं। कागज के गत्ते, पुराने शादी कार्ड व आईसक्रीम स्टिक से बनाई गई शिक्षण सामग्री को सोशल मीडिया पर आकर्षक फोटो व बालिका की आवाज में वीडियो बनाकर प्रेषित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच पाएं। इतना ही नहीं बालिका अनुपयोगी सामग्री से चिड़ियाघर बनाकर पक्षियों की सेवा के साथ अन्त्योदय फाउंडेशन मुंबई की वोलिंटियर बनकर जरूरतमंदों को वस्त्र एवं अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रही है। बालिका का जुनून और हौसला बड़ों जैसा है। हाल ही ‘वी कैन गिव देम होप संस्था जयपुर,प्रगति ट्रस्ट हैदराबाद व फीडिंग हैण्डस’ जयपुर द्वारा राजगढ़, रैणी क्षेत्र के गरीब, जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराए निशूल्क राशन की पैकिंग में भी अपने परिवार के साथ बिटिया ने हौसले सेनि काम किया है